जिला अध्यक्षों के बाद अब प्रदेश उपाध्यक्षों और महासचिवों के नामों पर मंथन जारी, 2027 विधानसभा चुनाव को देखते हुए पार्टी अनुभव, युवा नेतृत्व और सामाजिक समीकरणों के संतुलन पर दे रही जोर। केंद्रीय नेतृत्व की मंजूरी के बाद जल्द जारी हो सकती है नई सूची।

जालंधर (Naren Danu) : पंजाब भाजपा में प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों के नेतृत्व में संगठन के पुनर्गठन की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। जिला अध्यक्षों की नियुक्तियों के बाद पार्टी का पूरा ध्यान अब प्रदेश स्तर की नई कोर टीम तैयार करने पर है। माना जा रहा है कि केंद्रीय नेतृत्व की मंजूरी मिलते ही प्रदेश उपाध्यक्षों और महासचिवों की नई सूची जारी की जा सकती है।

2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए भाजपा ऐसी टीम तैयार करना चाहती है, जिसमें संगठनात्मक अनुभव, क्षेत्रीय संतुलन और विभिन्न सामाजिक वर्गों को प्रतिनिधित्व मिल सके। पार्टी के सामने सबसे बड़ी चुनौती पुराने नेताओं, नए चेहरों और अलग-अलग प्रभावशाली राजनीतिक समूहों के बीच संतुलन बनाने की है।

तरुण चुघ कर रहे नामों पर मंथन

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ प्रदेश नेतृत्व के साथ संभावित नामों पर लगातार चर्चा कर रहे हैं। संगठन में ऐसे नेताओं को जगह देने पर विचार हो रहा है, जो चुनावी रणनीति के साथ-साथ बूथ स्तर तक पार्टी को मजबूत कर सकें।

पूर्व आईएएस अधिकारी जगमोहन सिंह राजू के संगठनात्मक दायित्वों से अलग होने की इच्छा के बाद नए चेहरों के लिए अवसर बढ़े हैं। वहीं, वरिष्ठ नेता फतेहजंग सिंह बाजवा को नई टीम में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने की चर्चाएं तेज हैं।

जाखड़ और पुराने नेताओं का प्रभाव बरकरार

पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ का प्रभाव नई टीम के गठन में अहम माना जा रहा है। जाखड़ समर्थक नेताओं को स्थान देकर भाजपा हिंदू और ग्रामीण वोट बैंक के समीकरण को मजबूत करने की रणनीति अपना सकती है।

इसके अलावा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा से जुड़े पुराने कार्यकर्ताओं, वरिष्ठ नेता मनोरंजन कालिया के दोआबा क्षेत्र के अनुभव और प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश राठौर के समर्थक नेताओं को भी संगठन में जगह मिलने की संभावना है।

दलित और पुराने कार्यकर्ताओं को प्रतिनिधित्व देने की तैयारी

पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय सांपला के समर्थक नेताओं की दावेदारी भी मजबूत मानी जा रही है। दलित समाज में उनकी पकड़ को देखते हुए भाजपा इस वर्ग को संगठन में पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने की कोशिश कर सकती है।

वहीं, अविनाश राय खन्ना से जुड़े अनुभवी नेताओं को भी जिम्मेदारी मिलने की उम्मीद है। संगठन महामंत्री श्रीनिवासल्लू अंतिम सूची को संगठनात्मक दृष्टि से संतुलित बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

चुनाव से पहले मजबूत संगठन पर भाजपा का जोर

भाजपा की कोशिश है कि नई प्रदेश टीम में पुराने टकसाली नेताओं के अनुभव के साथ युवा चेहरों की ऊर्जा को भी शामिल किया जाए। पार्टी मान रही है कि मजबूत संगठन ही 2027 के विधानसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन का आधार बनेगा।

नई कोर टीम में मालवा, माझा और दोआबा क्षेत्रों के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक वर्गों को प्रतिनिधित्व देकर भाजपा पंजाब में अपना राजनीतिक आधार मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।