नई दिल्ली (Naren Danu) : जलियांवाला बाग नरसंहार का बदला लेकर भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में अमर गाथा लिखने वाले महान क्रांतिकारी शहीद सरदार ऊधम सिंह के बलिदान दिवस पर शुक्रवार को पूरे देश ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने उनके साहस, राष्ट्रभक्ति और बलिदान को याद करते हुए उन्हें नमन किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि शहीद ऊधम सिंह का जीवन साहस, आत्मसम्मान और देशभक्ति का अद्वितीय उदाहरण है। उन्होंने कहा कि उनकी प्रेरणादायक जीवनगाथा आने वाली हर पीढ़ी को मातृभूमि की रक्षा और राष्ट्र के स्वाभिमान के लिए समर्पित रहने की प्रेरणा देती रहेगी।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों के अनुरूप सशक्त, समरस, न्यायपूर्ण और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण ही शहीदों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने ऊधम सिंह के बलिदान को राष्ट्र की अमूल्य धरोहर बताया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि शहीद ऊधम सिंह ने आजादी के लिए हंसते-हंसते फांसी का फंदा चूम लिया। उनका जीवन धैर्य, दृढ़ संकल्प और राष्ट्रभक्ति का अनुपम उदाहरण है, जो हमेशा देशवासियों को प्रेरित करता रहेगा।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ऊधम सिंह का बलिदान भारतीय इतिहास का गौरवपूर्ण अध्याय है और देश उनके साहस को सदैव याद रखेगा। वहीं केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने भी उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका सर्वोच्च बलिदान हर भारतीय के मन में राष्ट्रप्रेम की भावना को हमेशा जीवित रखेगा।
जलियांवाला बाग के शहीदों का लिया था बदला
सरदार ऊधम सिंह ने 13 मार्च 1940 को लंदन के कैक्सटन हॉल में पंजाब के तत्कालीन लेफ्टिनेंट गवर्नर माइकल ओ'ड्वायर की गोली मारकर हत्या की थी। ऊधम सिंह ने इसे 1919 के जलियांवाला बाग नरसंहार का प्रतिशोध बताया था। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया और 31 जुलाई 1940 को लंदन की पेंटनविल जेल में फांसी दे दी गई। आज भी उनका बलिदान भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के सबसे प्रेरणादायक अध्यायों में गिना जाता है।