उच्चतम न्यायालय के निर्देश के बाद धार स्थित भोजशाला परिसर से सटी दरगाह की चिन्हित भूमि पर शुक्रवार को दोपहर 1 से 3 बजे के बीच जुमे की नमाज अदा की जाएगी। जिला प्रशासन ने स्थल का निरीक्षण कर सफाई, आवश्यक व्यवस्थाएं और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। शहर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा तथा संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जाएगी।

भोपाल (Naren Danu) : धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद विवाद में सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश के बाद शुक्रवार से नई व्यवस्था लागू होगी। अदालत ने भोजशाला परिसर से सटी दरगाह की भूमि पर मुस्लिम समुदाय को हर शुक्रवार दोपहर 1 से 3 बजे के बीच जुमे की नमाज अदा करने की अनुमति दी है। आदेश के बाद जिला प्रशासन ने मौके का निरीक्षण कर सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि नमाज खसरा नंबर 596 की भूमि पर होगी, जो दरगाह परिसर से संबंधित है। साथ ही अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह प्रत्येक शुक्रवार नमाज के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराए। हालांकि, कोर्ट ने यह विकल्प भी खुला रखा है कि राज्य सरकार और मुस्लिम पक्ष आपसी सहमति से भविष्य में कोई अन्य उपयुक्त स्थान भी तय कर सकते हैं।

प्रशासन ने बढ़ाई सुरक्षा, 350 पुलिसकर्मी रहेंगे तैनात

निर्देश मिलते ही धार कलेक्टर राजीव रंजन मीणा और पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा ने अधिकारियों के साथ भोजशाला परिसर का निरीक्षण किया। राजस्व विभाग ने अदालत द्वारा चिन्हित भूमि की जानकारी दी, जबकि नगर पालिका को सफाई और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

जुमे की नमाज को देखते हुए शहर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। एएसपी, सीएसपी, डीएसपी और एसडीओपी स्तर के अधिकारियों सहित करीब 350 पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। संवेदनशील क्षेत्रों में मोबाइल पुलिस टीमें लगातार गश्त करेंगी ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।

क्या है पूरा मामला?

14 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम आदेश में मुस्लिम पक्ष के लिए भोजशाला के समीप खुली जमीन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। इसके बाद मुस्लिम पक्ष ने अदालत में शिकायत की थी कि प्रशासन द्वारा प्रस्तावित स्थान भोजशाला से काफी दूर है और वहां तक पहुंचना व्यावहारिक नहीं है। इसी याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने अब स्पष्ट रूप से नमाज के लिए निर्धारित भूमि तय कर दी है।

पृष्ठभूमि

इससे पहले 15 मई को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने भोजशाला परिसर को देवी वाग्देवी (सरस्वती) मंदिर माना था और परिसर में जुमे की नमाज की अनुमति संबंधी भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के पुराने आदेश को निरस्त कर दिया था। साथ ही केंद्र सरकार और एएसआई को परिसर के प्रबंधन और प्रशासन पर निर्णय लेने के निर्देश दिए थे।

अब सुप्रीम कोर्ट के ताजा अंतरिम आदेश के बाद शुक्रवार से नई व्यवस्था लागू होगी, जबकि मामले की अंतिम सुनवाई अभी शेष है।