सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर राज्यसभा में चर्चा के दौरान भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस पर भारतीय संस्कृति और हिंदू आस्था के अपमान का आरोप लगाया। उन्होंने गौमूत्र के औषधीय गुणों से जुड़े अमेरिकी पेटेंट का उल्लेख करते हुए कहा कि इस विषय पर राजनीतिक टिप्पणी के बजाय वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर चर्चा होनी चाहिए।

नई दिल्ली (Naren Danu) : सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक रोकने से जुड़े सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर राज्यसभा में चर्चा के दौरान गौमूत्र का मुद्दा भी राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया। भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस पर हिंदू आस्था और भारतीय परंपराओं का अपमान करने का आरोप लगाते हुए कहा कि गंभीर विधायी चर्चा के बीच विपक्ष ने अनावश्यक रूप से गौमूत्र का विषय उठाया।

सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि पेपर लीक जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा हो रही थी, लेकिन कांग्रेस ने बहस का विषय बदलने का प्रयास किया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष को जब भी अवसर मिलता है, वह भारतीय संस्कृति और परंपराओं पर सवाल उठाता है।

भाजपा सांसद ने दावा किया कि गौमूत्र के औषधीय गुणों पर अमेरिका में अंतरराष्ट्रीय पेटेंट दर्ज हैं। उन्होंने कहा कि यूएस पेटेंट 6410059 और यूएस पेटेंट 6896907 में गौमूत्र डिस्टिलेट के ऐसे औषधीय उपयोगों का उल्लेख है, जिनमें एंटीबायोटिक, एंटी-फंगल और कुछ दवाओं की प्रभावशीलता तथा शरीर में उनके अवशोषण को बढ़ाने की क्षमता का जिक्र किया गया है। उन्होंने इसे "बायो-एन्हांसर" के रूप में भी बताया।

त्रिवेदी ने कहा कि विज्ञान के विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को इस विषय को राजनीतिक नजरिए से नहीं, बल्कि उपलब्ध वैज्ञानिक अध्ययनों और तथ्यों के आधार पर समझना चाहिए।

यह टिप्पणी कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा द्वारा आईआईटी मद्रास के निदेशक वी. कामकोटी को "गौमूत्र विशेषज्ञ" कहे जाने की पृष्ठभूमि में आई। भाजपा ने इसे भारतीय ज्ञान परंपरा का अपमान बताया, जबकि कांग्रेस पहले ही इस मुद्दे पर सरकार और भाजपा की आलोचना करती रही है।

बहस का केंद्र बना पेपर लीक विधेयक

राज्यसभा में चर्चा का मुख्य विषय सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक रोकने के लिए लाया गया संशोधन विधेयक था, लेकिन बहस के दौरान राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक के चलते सदन का माहौल भी गर्म रहा।