पंजाब रोडवेज कर्मचारी दल ने जगरांव डिपो के गेट पर रोष रैली निकालकर धूरी और बरनाला घटनाओं का विरोध किया। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि सरकार संघर्ष कर रहे मुलाजिमों पर दमनकारी रवैया अपना रही है। वक्ताओं ने पुरानी पेंशन बहाली, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, 18 प्रतिशत डीए जारी करने समेत अन्य मांगें उठाईं और 7 अगस्त के आंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया।

जगरांव (चरणजीत सिंह चन्न) : पंजाब रोडवेज कर्मचारी दल की ओर से 30 जुलाई को पंजाब रोडवेज जगरांव डिपो के गेट पर रोष रैली निकाली गई। यह विरोध प्रदर्शन धूरी में मनरेगा कर्मियों और बरनाला में सफाई कर्मियों पर किए गए कथित गैर-मनुष्य तशद्दुद (अत्याचार) और लाठीचार्ज के खिलाफ किया गया।

​मुख्यमंत्री का पुतला दहन: कर्मचारियों ने रोष प्रदर्शन के दौरान पंजाब के मुख्यमंत्री का पुतला फूंका और सरकार की दमनकारी नीतियों की कड़ी निंदा की।

​जायज संघर्षों का समर्थन: वक्ताओं ने कहा कि अपनी जायज मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे कर्मचारियों पर पंजाब सरकार द्वारा किया गया लाठीचार्ज बेहद घटिया रवैया है, जिसका खामियाजा सरकार को 2027 के चुनावों में भुगतना पड़ेगा।

​पुराने वादों से मुकरने का आरोप: डिपो अध्यक्ष गुरजीत सिंह व अन्य वक्ताओं ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार मुलाजिमों के साथ हठधर्मिता अपना रही है। सरकार पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, कच्चे मुलाजिमों को पक्का करने जैसे अपने चुनावी वादों से मुकर चुकी है।

​डीए और अन्य मांगें: जनरल सचिव मनजीत सिंह ने संबोधित करते हुए बताया कि सरकार ने मुलाजिमों का 18% डीए (महंगाई भत्ता) अभी तक नहीं दिया है।

​आगामी आंदोलन की चेतावनी: पंजाब मुलाजिम और पेंशनर्स सांझा फ्रंट तथा सांझा मुलाजिम मंच के बैनर तले 7 अगस्त को होने वाले संघर्ष में मुलाजिमों को भारी संख्या में शामिल होने के लिए प्रेरित किया गया।

​गेट रैली के दौरान बलवीर चंद, सुखजिंदर सिंह, निर्मल सिंह, रविंदर कौर, गुरपिंदर कौर, मंजू खत्री, गुरपिंदर सिंह, मनजिंदर सिंह, इक्‍खपाल सिंह, केवल सिंह, बग्गा सिंह, इंद्रजीत सिंह, मोहिंदर कुमार, अमरजीत सिंह मथु, लखवीर सिंह सहित भारी संख्या में वर्कर उपस्थित रहे।