चंडीगढ़ (Naren Danu) : पंजाब में मनरेगा और वीबी जी राम जी कर्मचारियों की करीब दो महीने से चल रही हड़ताल आखिरकार खत्म हो गई है। वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा की अध्यक्षता में हुई बैठक में कर्मचारियों की लंबित मांगों पर सहमति बन गई है। इसके साथ ही 30 जुलाई से राज्यभर में वीबी जी राम जी पहल को सुचारू रूप से लागू करने का रास्ता साफ हो गया है।
बैठक में कर्मचारियों की सेवा शर्तों, अनुबंध अवधि, पारिश्रमिक, प्रशासनिक मामलों और नई वीबी जी राम जी व्यवस्था को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। सरकार ने यूनियन की उचित मांगों को स्वीकार कर लिया है, जिससे पंजाब के करीब 2 हजार मनरेगा/वीबी जी राम जी कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
वार्ता से निकला समाधान, कर्मचारियों ने वापस ली हड़ताल
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार कर्मचारियों के हितों की रक्षा के साथ-साथ ग्रामीण विकास योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार बातचीत और सहमति के माध्यम से समस्याओं के समाधान में विश्वास रखती है।
उन्होंने कहा कि इस फैसले से न केवल कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान हुआ है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को भी नई गति मिलेगी।
गांवों में फिर रफ्तार पकड़ेंगे विकास कार्य
मनरेगा/वीबी जी राम जी कर्मचारी यूनियन ने सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए अपनी हड़ताल तुरंत वापस लेने का ऐलान किया। यूनियन प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान, वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा और ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद का धन्यवाद किया।
अब कर्मचारी बुधवार से अपनी ड्यूटी दोबारा संभालेंगे। इससे गांवों में रोजगार उपलब्ध कराने, ग्रामीण संपत्तियों के निर्माण और विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है।
सरकार का दावा- मजबूत होगा ग्रामीण प्रशासन
ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग ने कहा कि कर्मचारियों के सहयोग से वीबी जी राम जी योजना के बेहतर क्रियान्वयन में मदद मिलेगी। इससे ग्रामीण परिवारों को समय पर रोजगार, बेहतर सार्वजनिक सेवाएं और स्थायी विकास कार्यों को बढ़ावा मिलेगा।
बैठक में प्रमुख सचिव अजीत बालाजी जोशी, संयुक्त विकास आयुक्त शेना अग्रवाल, विशेष सचिव अमित तलवार और कर्मचारी यूनियन के प्रतिनिधि मौजूद रहे।