मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने विपक्ष पर सदन की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया, जबकि कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने छात्र प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई के मुद्दे पर गृहमंत्री अमित शाह से बयान देने की मांग की। इसके बाद विपक्षी सांसदों की नारेबाजी से सदन में हंगामा बढ़ गया।

नई दिल्ली (Naren Danu) : संसद के मानसून सत्र में गुरुवार को राज्यसभा की कार्यवाही एक बार फिर हंगामे की भेंट चढ़ती नजर आई। शून्यकाल के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई। सरकार ने जहां विपक्ष पर सदन की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया, वहीं विपक्ष ने छात्र प्रदर्शन के मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सदन में जवाब देने की मांग की।

राज्यसभा में सदन के नेता और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष सकारात्मक बहस के बजाय लगातार व्यवधान पैदा कर रहा है, जिससे सदन की कार्यवाही प्रभावित हो रही है।

नड्डा ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका महत्वपूर्ण होती है, लेकिन सदन को नहीं चलने देना उचित नहीं है। उन्होंने विपक्ष के रवैये को गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए कहा कि सरकार हर विषय पर जवाब देने के लिए तैयार है।

वहीं, कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि विपक्ष चाहता है कि संसद सुचारु रूप से चले, लेकिन दिल्ली में छात्र प्रदर्शनकारियों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई के मामले में गृह मंत्री अमित शाह को सदन में आकर जवाब देना चाहिए।

प्रमोद तिवारी की मांग के बाद विपक्षी सांसदों ने “गृह मंत्री सदन में आओ” के नारे लगाने शुरू कर दिए, जिसके बाद राज्यसभा में जोरदार हंगामा हुआ। लगातार विरोध के बीच सदन की कार्यवाही शोर-शराबे के साथ जारी रही।

विपक्ष ने उठाए ये मुद्दे
छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई पर गृह मंत्री से जवाब की मांग।
गन्ना किसानों से जुड़े मामलों को सदन में उठाया।
‘वन नेशन, वन मेट्रो कार्ड’ व्यवस्था लागू करने की मांग की।

संसद के मानसून सत्र में लगातार दूसरे दिन भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव देखने को मिला। दोनों पक्ष अपनी-अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं, जिससे सदन की कार्यवाही प्रभावित हो रही है।