लुधियाना के भाईवाला चौक पर रोजाना लगने वाले ट्रैफिक जाम की समस्या पार्क प्लाजा में आयोजित एग्जीबिशन के दौरान और बढ़ गई। बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों के वाहनों से सड़क पर दबाव बढ़ा और लंबी कतारें लग गईं। लोगों ने सवाल उठाया कि आम दिनों में तेजी से होने वाली टोइंग कार्रवाई आयोजन के दौरान क्यों नजर नहीं आई। प्रशासन से बेहतर ट्रैफिक प्लान की मांग उठी।

लुधियाना : भाईवाला चौक पर वैसे ही रोजाना ट्रैफिक जाम लोगों के लिए परेशानी बना रहता है, लेकिन पार्क प्लाज़ा में चल रही एग्जीबिशन के चलते यह समस्या और गंभीर होती नजर आई। एग्जीबिशन में पहुंच रहे लोगों की बड़ी संख्या के कारण सड़क पर वाहनों का दबाव बढ़ गया और चौक के आसपास लंबी-लंबी कतारें लग गईं।

सबसे ज्यादा परेशानी उन वाहन चालकों को हुई, जिन्हें फ्लाईओवर या पुल की ओर जाना था। ट्रैफिक का दबाव इतना बढ़ गया कि आम राहगीरों को भी काफी देर तक जाम में फंसे रहना पड़ा। वहीं फेरोज गांधी मार्केट की ओर मुड़ने वाला रास्ता भी वाहनों की लंबी कतारों के कारण प्रभावित रहा।

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल पार्क प्लाज़ा के बाहर टोइंग व्यवस्था को लेकर खड़ा हुआ। आम दिनों में भाईवाला चौक और आसपास गलत जगह वाहन पार्क करने पर टोइंग कार्रवाई काफी तेजी से देखने को मिलती है। लोगों का कहना है कि कई बार वाहन कुछ मिनटों के लिए खड़ा करने पर भी टोइंग वैन पहुंच जाती है। लेकिन एग्जीबिशन के दौरान पार्क प्लाज़ा के बाहर बड़ी संख्या में वाहन खड़े होने के बावजूद मौके पर कोई टोइंग वैन नजर नहीं आई।

वहीं, पार्किंग के लिए वैलेट सुविधा होने के बावजूद सड़क पर वाहनों का दबाव कम नहीं हुआ। इससे लोगों के बीच यह चर्चा भी शुरू हो गई कि जब आम दिनों में पार्किंग को लेकर इतनी सख्ती होती है, तो एग्जीबिशन के दौरान नियमों का पालन करवाने के लिए वैसी ही व्यवस्था क्यों नजर नहीं आई?

अब सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या बड़े आयोजनों और होटल परिसरों के आसपास ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए अलग व्यवस्था तय होनी चाहिए? क्या टोइंग कार्रवाई सभी के लिए एक समान होनी चाहिए या आयोजनों के दौरान नियमों में अलग रवैया अपनाया जा रहा है?

फिलहाल किसी तरह की ‘सेटिंग’ या मिलीभगत की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन मौके की स्थिति ने इन सवालों को जरूर जन्म दे दिया है। अगर ऐसी व्यवस्था को लेकर स्पष्टता नहीं आती, तो आने वाले समय में दूसरे होटल और बड़े आयोजनों के आयोजक भी इसी तरह की व्यवस्था का लाभ उठाने की कोशिश कर सकते हैं।

अब देखना होगा कि ट्रैफिक पुलिस और प्रशासन इस मामले को लेकर क्या स्पष्टीकरण देते हैं और भविष्य में ऐसे आयोजनों के दौरान आम राहगीरों को जाम से राहत दिलाने के लिए क्या व्यवस्था की जाती है।