जीरकपुर : पिछले कुछ वर्षों में जीरकपुर के कई रियल एस्टेट विवादों ने एक बात साफ कर दी है कि घर या दुकान खरीदना केवल बिल्डर की प्रतिष्ठा या आकर्षक विज्ञापन देखकर नहीं होना चाहिए। अलग-अलग परियोजनाओं में सामने आए मामलों से यह स्पष्ट हुआ कि खरीदारों को निवेश से पहले कानूनी, तकनीकी और वित्तीय पहलुओं की पूरी जांच करनी चाहिए। रेरा का उद्देश्य भी पारदर्शिता बढ़ाना और खरीदारों को शिकायत का मंच उपलब्ध कराना है।
खरीदार सबसे ज्यादा कहां चूक करते हैं
रियल एस्टेट विशेषज्ञों के अनुसार अधिकांश खरीदार ब्रोशर, लॉन्च ऑफर या ऊंचे रिटर्न के वादों पर भरोसा कर लेते हैं। बाद में उन्हें पता चलता है कि निर्माण की वास्तविक प्रगति, स्वीकृतियां या अनुबंध की शर्तें उनकी अपेक्षाओं से अलग हैं।
निवेश से पहले इन 10 बातों की जांच जरूर करें
1.परियोजना पंजाब रेरा में पंजीकृत है या नहीं।
2.रेरा पोर्टल पर घोषित समाप्ति (कंप्लीशन) तिथि क्या है।
3.बिल्डर के खिलाफ पहले से कोई बड़ा रेरा, उपभोक्ता आयोग या न्यायालय का मामला लंबित है या नहीं।
4.भूमि, नक्शा और अन्य सरकारी स्वीकृतियां पूरी हैं या नहीं।
5.यदि परियोजना तैयार बताई जा रही है तो ऑक्यूपेशन/कम्प्लीशन सर्टिफिकेट उपलब्ध है या नहीं।
6.बिल्डर-बायर एग्रीमेंट की सभी शर्तें पढ़ें।
7.भुगतान केवल बैंकिंग माध्यम से करें।
8.साइट का स्वयं निरीक्षण करें।
9.किसी स्वतंत्र संपत्ति वकील से दस्तावेजों की जांच कराएं।
10.किसी भी मौखिक वादे पर नहीं, केवल लिखित दस्तावेजों पर भरोसा करें।
यदि विवाद हो जाए तो क्या करें
विशेषज्ञों का कहना है कि खरीदार पहले बिल्डर को लिखित नोटिस दें। समाधान न मिलने पर पंजाब रेरा या उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कर सकते हैं। दोनों मंच अलग-अलग परिस्थितियों में राहत प्रदान कर सकते हैं। पंजाब रेरा परियोजनाओं की जानकारी देखने और शिकायत दर्ज करने की ऑनलाइन सुविधा भी उपलब्ध कराता है।
जीरकपुर से मिली सबसे बड़ी सीख
जीरकपुर की विभिन्न परियोजनाओं से जुड़े मामलों ने यह दिखाया है कि हर विवाद एक जैसा नहीं होता। कुछ मामलों में एफआईआर दर्ज हुई, कुछ में उपभोक्ता आयोग ने खरीदारों को राहत दी, जबकि कई मामलों में रेरा के समक्ष सुनवाई जारी है। दूसरी ओर, अनेक परियोजनाओं में बड़ी संख्या में परिवार रह भी रहे हैं। इसलिए किसी भी बिल्डर या परियोजना के बारे में सामान्य निष्कर्ष निकालने के बजाय प्रत्येक मामले के तथ्यों को अलग-अलग समझना जरूरी है।
निष्कर्ष
जीरकपुर आज भी ट्राइसिटी के सबसे बड़े रियल एस्टेट बाजारों में से एक है। लेकिन बीते वर्षों के विवादों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पारदर्शिता, समय पर परियोजना पूरी करना और खरीदारों के साथ किए गए वादों का पालन ही इस बाजार में विश्वास कायम रख सकता है। वहीं खरीदारों के लिए सबसे बड़ा सबक यही है कि निवेश से पहले पूरी जांच-पड़ताल करें और आवश्यकता पड़ने पर रेरा या कानूनी सलाह अवश्य लें।