चंडीगढ़ (Naren Danu) : अमृतपाल सिंह और अन्य बंदी सिखों की रिहाई की मांग को लेकर वारिस पंजाब दे के समर्थक बुधवार को चंडीगढ़ कूच के लिए मोहाली स्थित गुरुद्वारा अंब साहिब में एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री आवास तक शांतिपूर्ण मार्च निकालने की घोषणा की है।
वारिस पंजाब दे के नेता मनप्रीत सिंह अयाली ने इससे पहले समर्थकों और आम लोगों से बड़ी संख्या में इस मार्च में शामिल होने की अपील की थी। उन्होंने दावा किया कि दाखा विधानसभा क्षेत्र और आसपास के इलाकों से करीब 500 वाहन इस कूच में शामिल होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदर्शन का उद्देश्य केवल अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाना है और किसी भी स्थिति में कानून व्यवस्था को प्रभावित नहीं किया जाएगा।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील
अयाली ने सोशल मीडिया संदेश के जरिए प्रदर्शनकारियों से अनुशासन बनाए रखने और किसी भी तरह की हिंसक गतिविधि से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोगों को अपनी मांगों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने का अधिकार है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल प्रदर्शन को प्रभावित करने की कोशिश कर सकते हैं। ऐसे में उन्होंने समर्थकों से किसी भी विवाद में न पड़ने और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अपील की।
अमृतपाल की हिरासत पर उठाए सवाल
मनप्रीत सिंह अयाली ने दावा किया कि अमृतपाल सिंह और अन्य बंदी सिखों के खिलाफ दर्ज मामले गलत हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि जांच एजेंसियों की जांच में कोई ठोस आधार नहीं मिला तो अमृतपाल सिंह अभी भी डिब्रूगढ़ जेल में क्यों बंद हैं। हालांकि, इस संबंध में संबंधित एजेंसियों की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
उन्होंने हिरासत में बंद अन्य नेताओं की पैरोल और रिहाई को लेकर भी सवाल उठाए। अयाली ने कहा कि संबंधित नेताओं ने पंजाब और पंजाबियों के मुद्दों को उठाया है और अब सरकार तक अपनी मांगें शांतिपूर्ण तरीके से पहुंचाने का समय है।
प्रशासन अलर्ट
वारिस पंजाब दे के नेताओं ने कहा कि विभिन्न जिलों से कार्यकर्ता और युवा इस मार्च में शामिल होंगे। वहीं, प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। अधिकारियों की प्राथमिकता प्रदर्शन को शांतिपूर्ण बनाए रखना और कानून व्यवस्था कायम रखना है।