भाजपा जगरांव जिला अध्यक्ष डॉ. राजिंदर शर्मा ने 454 पदों की भर्ती परीक्षा में कथित धांधली को युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि खुफिया इनपुट के बावजूद सरकार परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा इंतजाम करने में विफल रही और पूरे मामले की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए संबंधित मंत्रियों से इस्तीफा देने की मांग की।

जगरांव (चरणजीत सिंह चन्न) : पंजाब में 19 जुलाई को आयोजित फार्मेसी अफसर भर्ती परीक्षा में कथित पेपर लीक और बड़े पैमाने पर धांधली का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस गंभीर प्रशासनिक नाकामी पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के जगरांव जिला अध्यक्ष डॉ. राजिंदर शर्मा ने राज्य की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार को आड़े हाथों लिया है और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह तथा शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के तत्काल इस्तीफे की मांग की है।

​परीक्षा की पवित्रता के साथ खिलवाड़:
​डॉ. शर्मा ने बताया कि 454 फार्मेसी अफसर पदों के लिए हुई इस परीक्षा में करीब 7,000 उम्मीदवार शामिल हुए थे। आरोप है कि परीक्षा केंद्र के भीतर से प्रश्नपत्र को स्कैन कर बाहर भेजा गया, बाहर उसका हल तैयार किया गया और फिर ब्लूरोथ आधारित उपकरणों के जरिए अभ्यर्थियों तक उत्तर पहुंचाए गए।

​खुफिया इनपुट के बावजूद बरती गई लापरवाही:
​भाजपा नेता ने खुलासा किया कि परीक्षा के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के संभावित इस्तेमाल को लेकर प्रशासन के पास पहले से ही खुफिया (इंटेलिजेंस) इनपुट मौजूद थे। इसके बावजूद परीक्षा केंद्रों पर न तो उचित जैमर लगाए गए और न ही पुख्ता सुरक्षा प्रबंध किए गए, जो सरकार की गभीर प्रशासनिक लाचारी को उजागर करता है।

​'आप' सरकार पर दावों के विपरीत ढीली कार्यप्रणाली का आरोप
​भाजपा ने इसे कोई इकहरी घटना मानने से इंकार करते हुए इसे 'आप' सरकार के कार्यकाल का छठा बड़ा भर्ती विवाद करार दिया है। नायब तहसीलदार भर्ती, पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की 12वीं का अंग्रेजी पेपर लीक, पीएसटीईटी विवाद और अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड की अनियमितताओं का हवाला देते हुए पार्टी ने कहा कि सरकार की "जीरो टॉलरेंस" नीति सिर्फ कागजों तक सीमित है।

​अन्त में, भाजपा ने चेतावनी दी है कि पंजाब का युवा केवल योग्यता और पारदर्शिता पर आधारित पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया का हकदार है, और सरकार को इस पूरे भ्रष्टाचार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत जवाब देना चाहिए।