पंजाब के वित्त एवं परिवहन मंत्री ने ट्रांसपोर्ट एसोसिएशनों, स्वास्थ्य कर्मियों, वाटर सप्लाई कर्मचारियों और मजदूर संगठनों के प्रतिनिधियों से की बैठक। चीमा ने कहा कि सरकार सभी जायज मांगों को गंभीरता से ले रही है और समयबद्ध तरीके से समस्याओं के समाधान के लिए विभागीय कार्रवाई तेज की जाएगी।

चंडीगढ़ (Naren Danu) : पंजाब सरकार ने परिवहन क्षेत्र और विभिन्न कर्मचारी संगठनों की समस्याओं के समाधान के लिए कदम तेज कर दिए हैं। वित्त एवं परिवहन मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने मंगलवार को परिवहन क्षेत्र से जुड़े संगठनों और सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारी प्रतिनिधियों के साथ अलग-अलग बैठकें कर उनकी मांगों और कार्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की।

बैठक के दौरान पंजाब स्टेट गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन और स्मॉल स्केल बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने परिवहन उद्योग से जुड़े मुद्दे मंत्री के सामने रखे। हरपाल चीमा ने कहा कि परिवहन क्षेत्र राज्य की अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा है और सरकार इस सेक्टर को हरसंभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।

मांगों के समाधान के लिए अधिकारियों को निर्देश

परिवहन मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि यूनियनों की ओर से सौंपे गए मांग पत्रों का गंभीरता से अध्ययन किया जाए और प्रमुख समस्याओं के समाधान के लिए ठोस प्रस्ताव तैयार किए जाएं।

उन्होंने परिवहन विभाग के सचिव वरुण रूजम और राज्य परिवहन आयुक्त परनीत शेरगिल को निर्देश दिए कि मामलों को जल्द अंतिम रूप देने के लिए संबंधित संगठनों के साथ आगे की बैठकें आयोजित की जाएं।

कर्मचारी संगठनों से भी की बातचीत

परिवहन क्षेत्र की बैठकों के अलावा कैबिनेट उप-समिति के चेयरमैन के रूप में हरपाल सिंह चीमा ने विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ भी चर्चा की।

बैठक में—

जीपीडब्ल्यूएससी वाटर सप्लाई पंप ऑपरेटर एसोसिएशन पंजाब
एनएचएम इंप्लॉइज यूनियन
आउटसोर्स स्वास्थ्य विभाग कर्मचारी यूनियन
पंजाब प्रदेश पल्लेदार मजदूर यूनियन

के प्रतिनिधियों ने अपनी मांगें और समस्याएं मंत्री के समक्ष रखीं।

सरकार ने दिया समाधान का भरोसा

हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब सरकार कर्मचारियों और मजदूर संगठनों की मांगों को संवेदनशीलता के साथ देख रही है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए आवश्यक कदमों पर सक्रिय रूप से विचार किया जा रहा है और उचित समय पर राहत देने का प्रयास किया जाएगा।

बैठकों में विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने वेतन, रोजगार सुरक्षा, सेवा शर्तों और अन्य प्रशासनिक मुद्दों से संबंधित मांगें रखीं। सरकार ने सभी मांगों पर विचार कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।