पटियाला (Naren Danu) : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्य में कायम शांति, सांप्रदायिक सद्भाव और भाईचारे को हर हाल में बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई है। पटियाला में आयोजित ‘एक शाम शिव के नाम’ कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की पहचान आपसी प्रेम, एकता और सांझी संस्कृति से है और विभाजनकारी ताकतें यहां कभी सफल नहीं हो सकतीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब ऐसी धरती है, जहां नफरत के अलावा हर विचार और हर भावना को जगह मिलती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सभी धर्मों का समान सम्मान करती है और समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है।
‘धर्म अलग हो सकते हैं, लेकिन पंजाब की भावना एक है’
भगवंत मान ने कहा कि भगवान शिव को समर्पित इस कार्यक्रम में सभी धर्मों के लोगों की भागीदारी पंजाब की असली भावना को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग हर त्योहार मिल-जुलकर मनाते हैं और यही भाईचारा राज्य की सबसे बड़ी ताकत है।
उन्होंने मंच पर मौजूद संतों और आध्यात्मिक गुरुओं को नमन करते हुए कहा कि मानवता, प्रेम और एकता का संदेश समाज को मजबूत बनाता है।
सरकार की उपलब्धियां गिनाईं
मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार के कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि आम जनता को राहत देने के लिए राज्य में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं।
उन्होंने दावा किया कि—
19 टोल प्लाजा बंद किए गए, जिससे लोगों के करीब 70 लाख रुपये प्रतिदिन बच रहे हैं।
पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से 68 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं।
करीब 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली का लाभ मिल रहा है।
किसानों को दिन के समय बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।
करीब 44 हजार किलोमीटर सड़कों के निर्माण पर काम चल रहा है।
नहर सिंचाई व्यवस्था को मजबूत किया गया है ताकि किसानों को पर्याप्त पानी मिल सके।
‘मांवां-धीयां सत्कार योजना’ का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने महिलाओं के लिए शुरू की गई ‘मांवां-धीयां सत्कार योजना’ का उल्लेख करते हुए कहा कि इस योजना के तहत पात्र महिलाओं के बैंक खातों में सीधे आर्थिक सहायता भेजी जा रही है।
उन्होंने बताया कि योजना के तहत—
पात्र महिलाओं को 1,000 रुपये प्रतिमाह सहायता दी जा रही है।
अनुसूचित जाति वर्ग की पात्र महिलाओं को 1,500 रुपये प्रतिमाह दिए जा रहे हैं।
सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त करने वाली महिलाएं भी इस योजना के लिए पात्र हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की करीब 97 प्रतिशत महिलाएं इस योजना के दायरे में आ रही हैं और इसके लिए राज्य सरकार ने बजट में 9,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा पंजाब बनाना है, जहां हर वर्ग को सम्मान, सुरक्षा और समान अवसर मिले तथा सामाजिक एकता और भाईचारा हमेशा मजबूत बना रहे।