चंडीगढ़ (Naren Danu) : पंजाब सरकार ने राज्य के हजारों सफाई सेवकों और सीवरमैनों के लिए बड़ा कल्याणकारी पैकेज घोषित किया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार ने शहरी स्थानीय निकायों में काम कर रहे सफाई कर्मचारियों के हित में कई अहम फैसले लिए हैं। इनमें तीन साल की सेवा पूरी कर चुके आउटसोर्स कर्मचारियों को सीधे ठेका प्रणाली में लाना, पांच साल की सेवा पूरी कर चुके ठेका कर्मचारियों और वर्ष 2021 में भर्ती सफाई कर्मियों को नियमित करना शामिल है।
पंजाब भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्थानीय निकाय मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने इन फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार सफाई सेवकों और सीवरमैनों के सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य के लिए लगातार काम कर रही है।
20,520 रुपये होगा मासिक मानदेय
सरकार ने ठेका आधारित सफाई कर्मचारियों के मासिक मानदेय में भी बढ़ोतरी का फैसला किया है। संशोधित मानदेय 1 अगस्त 2026 से लागू होगा, जिसके तहत आउटसोर्सिंग से सीधे ठेका प्रणाली में आने वाले कर्मचारियों को 20,520 रुपये प्रति माह मिलेंगे।
मंत्री ने कहा कि इससे कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और उनके लिए लागू कानूनी योगदान भी संबंधित निधियों में जमा होता रहेगा।
पांच साल सेवा वाले कर्मचारी होंगे रेगुलर
हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि पांच साल की सेवा पूरी कर चुके ठेका आधारित सफाई सेवकों और सीवरमैनों के साथ-साथ वर्ष 2021 में भर्ती किए गए सभी सफाई कर्मचारियों को नियमित करने का फैसला लिया गया है।
उन्होंने कहा कि यह कदम सफाई कर्मचारियों के लिए ऐतिहासिक है और इससे राज्य में लंबे समय से सेवाएं दे रहे कर्मचारियों को स्थायी रोजगार सुरक्षा मिलेगी।
नगर निकायों को प्रस्ताव भेजने के निर्देश
मंत्री ने बताया कि सभी नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों को अपने-अपने सदनों में प्रस्ताव पारित कर योग्य कर्मचारियों का विवरण भेजने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित निकायों से प्रस्ताव प्राप्त होने के बाद राज्य सरकार अंतिम मंजूरी देकर नियमितीकरण की प्रक्रिया पूरी करेगी।
उन्होंने कहा कि जिन निकायों की ओर से प्रस्ताव जल्द भेजे जाएंगे, वहां कर्मचारियों की सेवाएं नियमित करने की प्रक्रिया भी जल्द पूरी की जाएगी।
यूनियनों से चर्चा के बाद लिया फैसला
स्थानीय निकाय मंत्री ने बताया कि ये फैसले सफाई कर्मचारी यूनियनों के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत बातचीत के बाद लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री लाल चंद कटारूचक्क की कैबिनेट उप-समिति ने भी यूनियन प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर प्रमुख मुद्दों पर सहमति बनाई है।
हड़ताल खत्म कर काम पर लौटने की अपील
मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने सफाई कर्मचारी यूनियनों से हड़ताल समाप्त कर काम पर लौटने की अपील की। उन्होंने कहा कि मानसून के मौसम में सफाई व्यवस्था बेहद जरूरी है, ताकि जलजनित और वेक्टर जनित बीमारियों को फैलने से रोका जा सके।
उन्होंने कहा, “सरकार ने सफाई सेवकों और सीवरमैनों के हित में बड़े फैसले लिए हैं। अब सभी की जिम्मेदारी है कि पंजाब के शहरों, बाजारों, अस्पतालों, स्कूलों और धार्मिक स्थलों को स्वच्छ और सुरक्षित बनाए रखने में सहयोग करें।”
सरकार का दावा है कि इन फैसलों से राज्य के सफाई कर्मचारियों को आर्थिक मजबूती, नौकरी की सुरक्षा और बेहतर सम्मान मिलेगा।