विधानसभा चुनाव से पहले भूपेंद्र पटेल सरकार सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राहत देने की तैयारी में है। GUEEDC की योजनाओं में आय सीमा बढ़ाने के साथ युवाओं को शिक्षा, रोजगार और आर्थिक सहायता का लाभ मिल सकेगा। बिना गारंटी लोन सुविधा शुरू करने पर भी विचार जारी है।

अहमदाबाद (Naren Danu) : गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले भूपेंद्र पटेल सरकार आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) को लेकर बड़ा फैसला लेने की तैयारी में है। राज्य सरकार सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राहत देने के लिए EWS पात्रता की सालाना आय सीमा 6 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने पर विचार कर रही है।

इस बदलाव का उद्देश्य उन युवाओं और परिवारों को लाभ पहुंचाना है, जो मामूली आय अंतर के कारण अब तक EWS श्रेणी की योजनाओं से बाहर रह जाते थे। सरकार के इस कदम से शिक्षा, रोजगार और आर्थिक सहायता योजनाओं का लाभ लेने वाले लाभार्थियों की संख्या बढ़ सकती है।

GUEEDC ने शुरू की प्रक्रिया

राज्य के न्याय एवं अधिकारिता विभाग के तहत काम करने वाले गुजरात अनरिजर्व्ड एजुकेशनल एंड इकोनॉमिक डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (GUEEDC) ने आय सीमा में बदलाव को लेकर प्रक्रिया शुरू कर दी है।

अधिकारियों के अनुसार, जब करीब एक दशक पहले कॉर्पोरेशन का गठन हुआ था, तब आर्थिक परिस्थितियों के आधार पर आय सीमा तय की गई थी। अब महंगाई और बदलती आर्थिक स्थिति को देखते हुए इसमें संशोधन की जरूरत महसूस की जा रही है।

शिक्षा, रोजगार और लोन योजनाओं में मिलेगा फायदा

वर्तमान में GUEEDC की अधिकांश योजनाओं का लाभ लेने के लिए परिवार की वार्षिक आय 6 लाख रुपये तक होनी चाहिए। कुछ योजनाओं में यह सीमा 8 लाख रुपये तक है।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद 10 लाख रुपये तक वार्षिक आय वाले सामान्य वर्ग के परिवारों के युवा भी EWS योजनाओं के दायरे में आ सकते हैं। इससे उन्हें शिक्षा सहायता, स्वरोजगार और अन्य आर्थिक योजनाओं का लाभ मिलने की संभावना है।

बिना गारंटी लोन योजना पर भी विचार

सरकार EWS वर्ग के युवाओं के लिए एक और बड़ी सुविधा शुरू करने पर विचार कर रही है। इसके तहत शिक्षा और व्यवसाय के लिए दिए जाने वाले लोन को कोलैटरल फ्री यानी बिना संपत्ति गिरवी रखे उपलब्ध कराने की योजना पर मंथन चल रहा है।

अभी GUEEDC की कई ऋण योजनाओं में गारंटी या संपत्ति संबंधी शर्तें लागू हैं। अधिकारियों का कहना है कि बिना गिरवी लोन की सुविधा शुरू होने से उन छात्रों और छोटे कारोबारियों को राहत मिलेगी, जिनके पास बैंक गारंटी के लिए संपत्ति उपलब्ध नहीं होती।

चुनाव से पहले अहम राजनीतिक फैसला

राजनीतिक जानकारों के अनुसार, विधानसभा चुनाव से पहले सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर तबके को साधने की दिशा में यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आय सीमा बढ़ने से मध्यवर्गीय परिवारों का बड़ा हिस्सा EWS योजनाओं से जुड़ सकता है।

सरकार फिलहाल इस बदलाव से जुड़े आंकड़ों और लाभार्थियों की संख्या का आकलन कर रही है। सूत्रों के अनुसार, आने वाले कुछ सप्ताह में इस संबंध में आधिकारिक घोषणा की जा सकती है।

मौजूदा और प्रस्तावित व्यवस्था
व्यवस्था वर्तमान नियम प्रस्तावित बदलाव
EWS आय सीमा 6 लाख रुपये (कुछ योजनाओं में 8 लाख) 10 लाख रुपये सालाना
लोन सुविधा कई मामलों में गारंटी आवश्यक बिना गिरवी लोन पर विचार
लाभ क्षेत्र शिक्षा, रोजगार, आर्थिक सहायता अधिक परिवारों को शामिल करने की संभावना

सरकार की अंतिम घोषणा के बाद ही नई पात्रता और आवेदन प्रक्रिया की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।