संगरूर (Naren Danu) : संगरूर स्थित भाजपा जिला कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंकने की घटना का पुलिस ने 12 घंटे के भीतर खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस ने इस मामले में दो युवकों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी सोशल मीडिया के माध्यम से विदेश में बैठे एक व्यक्ति के संपर्क में थे, जिसने कथित तौर पर उन्हें वारदात के बदले बड़ी रकम देने का लालच दिया था।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हैपी सिंह उर्फ हैपी (22), निवासी भम्माबंदी, थाना लोंगोवाल, संगरूर और जसप्रीत सिंह उर्फ जस्सी (26), निवासी वार्ड नंबर-12, शहीद ऊधम सिंह बस्ती, लहरा के रूप में हुई है। दोनों से वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
वीडियो बनाकर भेजी वारदात, मिले सिर्फ ₹2200
एसएसपी संगरूर डॉ. रवजोत ग्रेवाल ने बताया कि शुरुआती पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि सोशल मीडिया के जरिए उनकी संपर्क एक व्यक्ति से हुई, जिसे वे ‘राणा भाई’ के नाम से जानते थे। आरोप है कि उसने भाजपा कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंकने और घटना का वीडियो बनाकर भेजने के बदले बड़ी रकम देने का भरोसा दिलाया था।
पुलिस के मुताबिक, वारदात के बाद आरोपियों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया के माध्यम से भेजी, जिसके बाद उन्हें यूपीआई के जरिए दो किस्तों में ₹1200 और ₹1000, यानी कुल ₹2200 का भुगतान किया गया। आरोपियों को उम्मीद थी कि इसके बाद उन्हें बड़ी रकम मिलेगी।
रात 2:35 बजे दिया था वारदात को अंजाम
पुलिस जांच के अनुसार, 26 जुलाई की रात करीब 2:35 बजे दो युवक उपली गांव की तरफ से पैदल आए थे। उन्होंने बोतल में भरे ज्वलनशील पदार्थ से तैयार पेट्रोल बम को भाजपा कार्यालय की चारदीवारी के ऊपर से इमारत की ओर फेंका और मौके से फरार हो गए।
पुलिस का कहना है कि आरोपियों का उद्देश्य इमारत को नुकसान पहुंचाना और माहौल खराब करना था। एसएसपी ने बताया कि इससे पहले चंडीगढ़ समेत अन्य स्थानों पर भी इसी तरह पेट्रोल बम फेंककर माहौल बिगाड़ने की कोशिशें सामने आई थीं।
कई पुलिस टीमों ने मिलकर सुलझाया मामला
मामले की जांच के लिए एसपी इन्वेस्टिगेशन दविंदर अत्तरी की निगरानी में कई टीमें गठित की गई थीं। इनमें डीएसपी दलवीर सिंह सिद्धू, डीएसपी सतनाम सिंह, डीएसपी डिटेक्टिव सुखदेव सिंह, थाना सिटी-1 प्रभारी इंस्पेक्टर सुखदीप सिंह और सीआईए स्टाफ प्रभारी इंस्पेक्टर संदीप सिंह की टीमें शामिल थीं।
इसके अलावा काउंटर इंटेलिजेंस की एआईजी डॉ. सिमरत कौर की टीम ने भी जांच में सहयोग किया। तकनीकी जांच और पूछताछ के आधार पर दोनों आरोपियों तक पहुंच बनाई गई।
यूएपीए की धारा जोड़ी गई, विदेश बैठे व्यक्ति की तलाश
पुलिस ने इस मामले में थाना सिटी-1 संगरूर में दर्ज केस में यूएपीए की धारा भी शामिल कर दी है। अब जांच एजेंसियां ‘राणा भाई’ के सोशल मीडिया अकाउंट, यूपीआई आईडी और आरोपियों के साथ हुए संपर्क की जांच कर रही हैं।
पुलिस के अनुसार, हैपी सिंह एक निजी कंपनी में काम करता है, जबकि जसप्रीत सिंह बढ़ई का काम करता है। दोनों की पहचान सोशल मीडिया के माध्यम से हुई थी और कथित तौर पर उसी संपर्क के जरिए उन्हें इस वारदात में शामिल किया गया। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क और विदेश में बैठे व्यक्ति की भूमिका की जांच कर रही है।