बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर हुए लाठीचार्ज मामले में एनएचआरसी द्वारा रिपोर्ट मांगे जाने के बाद वरिष्ठ अधिवक्ता जगमोहन सैनी ने कहा कि प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग आखिरी विकल्प होना चाहिए। उन्होंने सरकार और प्रशासन से संवाद के जरिए समस्याओं का समाधान निकालने की अपील की। सैनी ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन हर नागरिक का अधिकार है।

पटियाला : बर्नाला में सफाई कर्मचारियों पर हुए लाठीचार्ज के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) द्वारा पंजाब सरकार से रिपोर्ट मांगे जाने के बाद पंजाब के पूर्व एडवोकेट जनरल, वरिष्ठ अधिवक्ता और भाजपा थिंक टैंक सदस्य एडवोकेट जगमोहन सैनी ने अपनी प्रतिक्रिया दी।

उन्होंने कहा कि किसी भी प्रदर्शन में लाठीचार्ज को पहला नहीं, बल्कि आखिरी विकल्प होना चाहिए। उनका कहना था कि यह मामला महिला या पुरुष का नहीं है। किसी भी शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी पर डंडे नहीं चलने चाहिए। प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह पहले से ऐसी व्यवस्था करे ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे और हालात बिगड़ने की नौबत न आए।

सैनी ने कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक को अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का अधिकार है। वहीं सरकार और प्रशासन का कर्तव्य है कि लोगों की समस्याओं को समय रहते सुना जाए और बातचीत के जरिए उनका समाधान निकाला जाए।

सफाई कर्मचारियों की हड़तालपर उन्होंने कहा कि यदि कर्मचारियों की मांगों पर लंबे समय तक ध्यान नहीं दिया जाएगा तो असंतोष बढ़ना स्वाभाविक है। ऐसे मामलों में टकराव की बजाय बातचीत से समाधान निकालना बेहतर होता है।

स्वास्थ्य सेवाओं और सरकारी विभागों में कर्मचारियों की कमी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार को अस्पतालों, शिक्षा और अन्य जरूरी सेवाओं में पर्याप्त स्टाफ की व्यवस्था करनी चाहिए। साथ ही युवाओं को रोजगार देने और सरकारी व्यवस्थाओं को मजबूत करने पर भी ध्यान देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि पंजाब के विकास के लिए उद्योगों को बढ़ावा देना जरूरी है। यदि नए उद्योग आएंगे तो रोजगार बढ़ेगा और युवाओं को बेहतर अवसर मिलेंगे। उनका मानना है कि विकास कार्यों और रोजगार सृजन पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है।

प्रदर्शनों को लेकर उन्होंने कहा कि विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन प्रदर्शन इस तरह होने चाहिए कि आम लोगों को परेशानी न हो। प्रशासन और प्रदर्शनकारी संगठनों को मिलकर ऐसे समाधान तलाशने चाहिए जिससे जनता और प्रदर्शनकारियों दोनों के हित सुरक्षित रहें।

उन्होंने कहा कि पंजाब की तरक्की के लिए सरकार, प्रशासन, राजनीतिक दलों और समाज के सभी वर्गों को मिलकर काम करना होगा। संवाद, अच्छी नीतियां और कानून का समान रूप से पालन ही समस्याओं का स्थायी समाधान है।