पर्यावरण संरक्षण और प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने के उद्देश्य से ई2डी फाउंडेशन ने जीरकपुर में जागरूकता अभियान चलाकर नागरिकों को निशुल्क सूती थैले वितरित किए। संस्था की निदेशक नीना भंडारी ने लोगों से खरीदारी के दौरान पॉलीथिन का उपयोग छोड़कर कपड़े के थैले अपनाने की अपील करते हुए कहा कि छोटी-छोटी आदतों में बदलाव से पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।

जीरकपुर : पर्यावरण संरक्षण और प्लास्टिक प्रदूषण पर रोक लगाने के उद्देश्य से ई2डी फाउंडेशन ने शहर में जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को निशुल्क सूती थैले वितरित किए। अभियान के दौरान नागरिकों से दैनिक जीवन में पॉलीथिन का उपयोग बंद कर कपड़े के थैले अपनाने की अपील की गई।

ई2डी फाउंडेशन की निदेशक नीना भंडारी ने बताया कि संस्था पर्यावरण संरक्षण को लेकर लगातार जनजागरूकता अभियान चला रही है। इसी क्रम में विभिन्न क्षेत्रों में लोगों को मुफ्त सूती थैले वितरित किए जा रहे हैं, ताकि वे खरीदारी के दौरान पॉलीथिन की जगह पर्यावरण अनुकूल विकल्प का इस्तेमाल करें।

उन्होंने कहा कि पॉलीथिन का बढ़ता उपयोग पर्यावरण के साथ-साथ मानव स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा बन चुका है। प्लास्टिक कचरे के कारण मिट्टी और जल स्रोत प्रदूषित हो रहे हैं, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह कपड़े के थैले के उपयोग को अपनी आदत बनाए।

नीना भंडारी ने कहा कि संस्था का यह अभियान आगे भी शहर के विभिन्न इलाकों में जारी रहेगा। उनका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक कर जीरकपुर को स्वच्छ और पॉलीथिन मुक्त बनाने में जनभागीदारी सुनिश्चित करना है।


छोटी पहल, बड़ा बदलाव

ई2डी फाउंडेशन ने नागरिकों से अपील की कि घर से निकलते समय हमेशा कपड़े का थैला साथ रखें। इससे पॉलीथिन का उपयोग कम होगा और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा बदलाव संभव हो सकेगा।