जगरांव (चरणजीत सिंह चन्न) : पंजाब भर में सफाई सेवकों, सीवरमैनों, म्यूनिसिपल कर्मियों, मालियों और बेलदारों का संघर्ष अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। पिछले 8 जुलाई से लगातार जारी हड़ताल के बावजूद सरकार और यूनियन के बीच मांगों का कोई ठोस हल नहीं निकला है। इसी के विरोध में सफाई सेवक यूनियन पंजाब द्वारा 30 जुलाई को पंजाब बंद का ऐलान किया गया है, जिसके समर्थन में जगरांव की एक दर्जन से अधिक प्रमुख जत्थेबंदियों ने नगर परिषद पहुंचकर अपनी एकजुटता का स्पष्ट संदेश दिया है।
प्रमुख मांगें जिन पर अड़े हैं कर्मचारी:
ठेका प्रणाली समाप्त हो: ठेकेदारी प्रथा को पूरी तरह खत्म कर कर्मचारियों को सीधे अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) पर रखा जाए और कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए।
वेतन विसंगति दूर हो: नाममात्र 10,000 रुपये के शुरुआती वेतन में सम्मानजनक और भारी बढ़ोतरी की जाए।
पुरानी पेंशन बहाली: कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए पुरानी पेंशन योजना (OPS) को तुरंत बहाल किया जाए।
सेवा नीति में बदलाव: कर्मचारियों को पक्का करने की 10 साल की शर्त को रद्द करके इसे दोबारा 3 साल किया जाए।
बरनाला लाठीचार्ज पर कार्रवाई: बरनाला में शांतमई धरने के दौरान सफाई कर्मियों पर हुए कथित पुलिस तशद्दुद के दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो।
30 जुलाई को रहेगा जगरांव पूरी तरह बंद
सफाई सेवक यूनियन के जिला प्रधान अरुण गिल ने ऐलान किया है कि 30 जुलाई को जगराओं शहर में मुकम्मल बंद रखा जाएगा। इस दौरान हजारों की संख्या में सफाई सेवक, म्यूनिसिपल कर्मचारी, सीवरमैन, इलेक्ट्रीशियन और विभिन्न इंसाफ पसंद संगठनों के नुमाइंदे सड़कों पर उतरेंगे।
यूनियन ने शहर के दुकानदारों और व्यापारियों से अपील की है कि वे सफाई सेवकों की जायज मांगों के समर्थन में 30 जुलाई को अपनी दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान स्वेच्छा से बंद रखें, ताकि सरकार तक एक मजबूत और एकजुट संदेश पहुंच सके।
बैठक में इन प्रमुख नेताओं ने दी उपस्थिति:
इस दौरान विभिन्न संगठनों के दिग्गज नेता और प्रतिनिधि विशेष रूप से मौजूद रहे:
इंदरजीत सिंह धालीवाल (जिला सचिव, भाकियू एकता डकौंदा)
मास्टर गुरमेल सिंह रूमी (प्रधान, जम्हूरी किसान सभा)
मास्टर अशोक भंडारी (प्रधान, सांझा पेंशनर फ्रंट)
बलविंदर सिंह पटवारी एवं अवतार सिंह बिल्ला (रोडवेज पेंशनर्स एसोसिएशन)
मास्टर अवतार सिंह (प्रधान, नगर सुधार सभा)
देवराज (गल्ला मजदूर यूनियन)
मदन सिंह (ग्रामीण मजदूर यूनियन मशाल)
कुलवंत सिंह सहोता (सफाई सेवक यूनियन)।