शैक्षणिक भ्रमण के दौरान छात्रों ने दूध की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, गुणवत्ता जांच और वितरण प्रक्रिया को करीब से देखा; आधुनिक तकनीक, स्वच्छता मानकों और डेयरी उद्योग की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भूमिका की भी मिली विस्तृत जानकारी।

चंडीगढ़: इंडियन बिल्डिंग्स कांग्रेस (आईबीसी) की गवर्निंग काउंसिल की बैठक रविवार को चंडीगढ़ में आयोजित हुई। बैठक में संगठन की भावी रणनीति, राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार और इंजीनियरिंग एवं निर्माण क्षेत्र से जुड़े पेशेवरों के कौशल विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इस दौरान वर्ष 2026-27 के लिए आईबीसी का वार्षिक गतिविधि कैलेंडर भी जारी किया गया।

बैठक में आईबीसी के संस्थापक अध्यक्ष ओ.पी. गोयल, अध्यक्ष सी. देबनाथ, उपाध्यक्ष टोली बसर, उपाध्यक्ष मयंक तिलक, उपाध्यक्ष एवं मानद सचिव सी.बी. ओझा सहित देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करने वाले 64 गवर्निंग काउंसिल सदस्यों ने भाग लिया।

जारी किए गए वार्षिक कैलेंडर में वर्षभर आयोजित होने वाले सेमिनार, तकनीकी सत्र, कार्यशालाओं और अन्य पेशेवर कार्यक्रमों का विस्तृत कार्यक्रम शामिल है। इन आयोजनों का उद्देश्य अभियंताओं, वास्तुविदों, योजनाकारों और निर्माण क्षेत्र से जुड़े अन्य पेशेवरों के तकनीकी ज्ञान को बढ़ाना, नवीन तकनीकों से अवगत कराना और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करना है।

बैठक में संगठन को राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत बनाने पर भी विशेष जोर दिया गया। इसके तहत विभिन्न राज्यों और क्षेत्रीय केंद्रों में आईबीसी की गतिविधियों का विस्तार करने तथा नए सदस्यों को संगठन से जोड़ने की रणनीति पर चर्चा की गई। परिषद ने इंजीनियरों, आर्किटेक्ट्स, शिक्षाविदों और अवसंरचना क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सदस्यता अभियान को गति देने का भी निर्णय लिया।

गवर्निंग काउंसिल के सदस्यों ने भवन निर्माण और अवसंरचना क्षेत्र की उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए तकनीकी सहयोग बढ़ाने, अधिक से अधिक राष्ट्रीय स्तर के सेमिनार और सम्मेलन आयोजित करने तथा पेशेवर उत्कृष्टता को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

बैठक के अंत में सदस्यों ने इंडियन बिल्डिंग्स कांग्रेस को इंजीनियरिंग, भवन निर्माण तकनीक और सतत अवसंरचना विकास के क्षेत्र में देश की अग्रणी पेशेवर संस्था के रूप में और अधिक सशक्त बनाने का संकल्प लिया।