चंडीगढ़ (अजीत झा) : पंजाब के हजारों आउटसोर्स कर्मचारियों को जल्द बड़ी राहत मिल सकती है। भगवंत मान सरकार ने गवर्नर गुलाब चंद कटारिया से ‘पंजाब स्टेट आउटसोर्स्ड पर्सनेल ट्रांजिशन टू कॉन्ट्रैक्टुअल एंगेजमेंट ऑर्डिनेंस-2026’ को तत्काल मंजूरी देने का आग्रह किया है। सरकार का कहना है कि अध्यादेश लागू होते ही आउटसोर्स कर्मचारियों का ठेकेदारों पर निर्भरता खत्म होगी और वे सीधे राज्य सरकार के साथ अनुबंध पर काम कर सकेंगे।
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यह अध्यादेश 13 जुलाई को मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में मंजूर किया जा चुका है, लेकिन अभी तक राजभवन से इसकी स्वीकृति नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि फाइल 12 दिनों से अधिक समय से लंबित है, जिससे हजारों कर्मचारी फैसले का इंतजार कर रहे हैं।
चीमा के मुताबिक, इस व्यवस्था का सबसे बड़ा लाभ सफाई कर्मचारियों, सीवरमैन, पावरकॉम कर्मियों समेत विभिन्न विभागों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों को मिलेगा। सरकार का दावा है कि सीधे सरकारी अनुबंध की व्यवस्था लागू होने से ठेकेदारों के माध्यम से होने वाले आर्थिक और सेवा संबंधी शोषण पर रोक लगेगी।
वित्त मंत्री ने कहा कि पिछली कांग्रेस और अकाली-भाजपा सरकारों ने आउटसोर्सिंग व्यवस्था को बढ़ावा दिया, जिससे हजारों कर्मचारी वर्षों तक असुरक्षित रोजगार और कम वेतन की स्थिति में काम करने को मजबूर रहे। उन्होंने दावा किया कि कई कर्मचारी पिछले 5 से 11 वर्षों से ठेकेदारों के माध्यम से सेवाएं दे रहे हैं।
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि भगवंत मान सरकार ने सत्ता संभालने के बाद रोजगार को प्राथमिकता दी है। उन्होंने बताया कि सरकार अब तक 66 हजार से अधिक सरकारी नौकरियां दे चुकी है और आने वाले समय में भी भर्ती अभियान जारी रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने करीब 13 हजार शिक्षकों की सेवाएं नियमित कर उनका वेतन 6 हजार रुपये से बढ़ाकर 25 से 26 हजार रुपये तक किया है और वार्षिक वेतन वृद्धि का भी प्रावधान किया गया है।
वित्त मंत्री ने अंत में गवर्नर गुलाब चंद कटारिया से अपील की कि वे अध्यादेश को शीघ्र मंजूरी दें, ताकि लंबे समय से इंतजार कर रहे हजारों आउटसोर्स कर्मचारियों को राहत मिल सके और उनके लिए सीधे सरकारी अनुबंध का रास्ता खुल सके।