पंजाब सरकार के गृह विभाग ने राज्यपाल की मंजूरी के बाद वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी सुरिंदर पाल सिंह परमार के खिलाफ चल रही विभागीय कार्रवाई समाप्त कर दी। विजिलेंस कार्रवाई के दौरान लगे दुर्व्यवहार और ड्यूटी में लापरवाही के आरोप जांच में सिद्ध नहीं हुए। निलंबन अवधि को भी सरकारी सेवा अवधि के रूप में मान्यता दी गई।

जगरांव : पंजाब सरकार के गृह मामले विभाग ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी सुरिंदर पाल सिंह परमार के खिलाफ चल रही विभागीय कार्रवाई को आधिकारिक तौर पर बंद कर दिया है।
​गौरतलब है कि परिवहन विभाग में कथित भ्रष्टाचार के मामलों से जुड़ी विजिलेंस ब्यूरो की कार्रवाई के दौरान, आईपीएस अधिकारी सुरिंदर पाल सिंह परमार पर दुर्व्यवहार और ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप लगाए गए थे। इन आरोपों के आधार पर उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई थी।

​लंबी चली जांच प्रक्रिया के दौरान उनके खिलाफ लगाए गए ये सभी आरोप साबित नहीं हो सके। पंजाब के राज्यपाल द्वारा जांच रिपोर्ट को मंजूरी दिए जाने के बाद, सरकार ने उनके विरुद्ध चल रही पूरी कार्रवाई को रद्द करते हुए सभी आरोप खारिज कर दिए हैं।

​इसके साथ ही सरकार के इन आदेशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि लागू नियमों के अनुसार उनकी निलंबन अवधि को भी आधिकारिक ड्यूटी ही माना जाएगा। इस फैसले से आईपीएस अधिकारी परमार को बड़ी राहत मिली है।