राज्य में बाढ़ का पानी धीरे-धीरे उतर रहा है, लेकिन ऊपरी असम के कई इलाकों में हालात अब भी गंभीर बने हुए हैं। 10 जिले, 810 गांव और करीब 6.55 लाख लोग प्रभावित हैं। सरकार ने 90 राहत शिविर और 184 राहत वितरण केंद्र संचालित किए हैं, जबकि राहत एवं बचाव कार्य में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और अन्य एजेंसियां लगातार जुटी हैं।

गुवाहाटी (Naren Danu) :असम में बाढ़ का पानी धीरे-धीरे उतरने लगा है, लेकिन ऊपरी असम के कई क्षेत्रों में स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के 25 जुलाई तक के आंकड़ों के अनुसार, बाढ़ से चार और लोगों की मौत के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 66 हो गई है। फिलहाल दिखौ (शिवसागर) और धनसिरी (नुमलीगढ़) नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा के निर्देश पर राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी हैं। शनिवार रात हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में राहत कार्यों में तेजी लाने और नुकसान के आकलन की प्रक्रिया को तेज करने का निर्णय लिया गया। मंत्री और विधायक भी प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं।

राज्य के 10 जिले, 28 राजस्व मंडल और 810 गांव अब भी बाढ़ से प्रभावित हैं। करीब 6.54 लाख लोग और 34,970 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि जलमग्न है। सरकार ने 90 राहत शिविर और 184 राहत वितरण केंद्र स्थापित किए हैं, जहां हजारों प्रभावितों को सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

राहत एवं बचाव अभियान में एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस, अग्निशमन विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीमें जुटी हुई हैं। अब तक 210 मेडिकल टीमें प्रभावित क्षेत्रों में तैनात की गई हैं, जबकि नावों की मदद से लोगों और पशुओं का लगातार रेस्क्यू किया जा रहा है।

बाढ़ से सड़क, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचा है। राज्य सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है, जबकि केंद्रीय राज्य मंत्री पवित्र मार्घेरिटा ने जोरहाट जिले में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर राहत कार्यों का जायजा लिया।