एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा देश के युवाओं के लोकतांत्रिक संघर्ष और अधिकारों की जीत का प्रतीक है। मुरादाबाद की जनसभा में उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकतंत्र संविधान के दायरे में ही चल सकता है और भविष्य में परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाना चाहिए।

मुरादाबाद (Naren Danu) : एआईएमआईएम प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को देश के युवाओं के संघर्ष की बड़ी जीत बताया। मुरादाबाद के जामा मस्जिद पार्क में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह उन लाखों युवाओं की सफलता है जिन्होंने अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाई।

ओवैसी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि सरकार यह सोचती है कि वह मनमर्जी से फैसले ले सकती है, तो इस आंदोलन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था और संविधान सर्वोपरि हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को संविधान के दायरे में रहकर ही चलाना होगा।

उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में राष्ट्रीय और राज्य स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगेगी और युवाओं का शिक्षा व्यवस्था पर विश्वास मजबूत होगा।

जनसभा के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित होने पर ओवैसी ने उत्तर प्रदेश सरकार पर भी तंज कसा। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के मुसलमानों के सामने अब एक मजबूत राजनीतिक विकल्प मौजूद है और आगामी विधानसभा चुनाव में एआईएमआईएम बेहतर प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में उनकी पार्टी की आवाज उत्तर प्रदेश विधानसभा में भी गूंजेगी।

जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन का जिक्र करते हुए ओवैसी ने कहा कि युवाओं के शांतिपूर्ण आंदोलन ने ऐसा जनदबाव बनाया कि सरकार को अपने रुख पर पुनर्विचार करना पड़ा। उन्होंने लोकतांत्रिक संघर्ष को युवाओं की बड़ी उपलब्धि बताया।