चंडीगढ़: चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा आज सेक्टर-17 प्लाज़ा में देशभर के छात्रों के समर्थन में प्रस्तावित तिरंगा मार्च, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद "विजय तिरंगा मार्च" में बदल गया। इस विजय मार्च का नेतृत्व चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एच.एस. लकी ने किया। बड़ी संख्या में कांग्रेस नेताओं, पार्षदों, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं, छात्रों और नागरिकों ने हाथों में तिरंगा लेकर मार्च निकाला तथा "छात्र शक्ति ज़िंदाबाद", "तानाशाही मुर्दाबाद", "पेपर लीक बंद करो", "युवा विरोधी सरकार जवाब दो" जैसे गगनभेदी नारों से पूरा सेक्टर-17 प्लाज़ा गूंज उठा।
इस अवसर पर चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से छात्रों और उनके अभिभावकों के लिए शर्बत (शबील), फल और बिस्किट की व्यवस्था की गई। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को छात्र आंदोलन की जीत बताते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने छात्रों के बीच लड्डू वितरित कर इस ऐतिहासिक क्षण का स्वागत किया।
सभा को संबोधित करते हुए चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एच.एस. लकी ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा किसी व्यक्ति की हार नहीं, बल्कि देश की छात्र शक्ति की ऐतिहासिक जीत और मोदी सरकार के अहंकार की पराजय का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि पिछले कई दिनों से देशभर के छात्र पेपर लीक, परीक्षा प्रणाली में भ्रष्टाचार और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ के खिलाफ लोकतांत्रिक आंदोलन चला रहे थे। सरकार ने उनकी आवाज़ को दबाने का प्रयास किया, लेकिन अंततः उसे छात्रों की ताकत के सामने झुकना पड़ा।
एच.एस. लकी ने कहा कि मोदी सरकार बार-बार दावा करती रही कि उसकी सरकार में कोई इस्तीफा नहीं होता, चाहे कितनी भी बड़ी विफलता क्यों न हो। लेकिन आज देश के छात्रों ने यह मिथक तोड़ दिया। यह इस्तीफा साबित करता है कि लोकतंत्र में जनता और विशेष रूप से युवाओं की संगठित आवाज़ सबसे बड़ी ताकत होती है।
उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा अंत नहीं, बल्कि जवाबदेही की शुरुआत है। पेपर लीक केवल एक प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि करोड़ों युवाओं के सपनों की हत्या है। वर्षों की मेहनत करने वाले लाखों छात्र लगातार परीक्षा घोटालों, पेपर लीक और भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताओं का शिकार हुए हैं। इससे लाखों परिवार आर्थिक, मानसिक और सामाजिक पीड़ा से गुजरे हैं।
एच.एस. लकी ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश ने बेरोजगारी, महंगाई, पेपर लीक, किसानों के साथ अन्याय, दलितों पर अत्याचार, महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने जैसी घटनाओं का दौर देखा है। युवाओं को रोजगार देने के बजाय उनके भविष्य को अनिश्चितता और भ्रष्ट व्यवस्था के हवाले कर दिया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह सरकार युवाओं को रोजगार नहीं, केवल झूठे वादे और खोखले भाषण देती रही। जब छात्र अपने अधिकारों की मांग करने सड़कों पर उतरे तो उन्हें सम्मान देने के बजाय उन पर लाठियां बरसाई गईं। लेकिन आज यह स्पष्ट हो गया कि लाठियां छात्र शक्ति को झुका नहीं सकतीं।
एच.एस. लकी ने कहा कि आज की जीत केवल छात्रों की जीत नहीं, बल्कि लोकतंत्र, संविधान और जनशक्ति की जीत है। यह उन सभी नागरिकों के लिए संदेश है जो यह मानने लगे थे कि सत्ता के अहंकार को चुनौती नहीं दी जा सकती। आज देश के युवाओं ने साबित कर दिया कि लोकतांत्रिक संघर्ष कभी व्यर्थ नहीं जाता।
उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार अब भी छात्र विरोधी, किसान विरोधी, युवा विरोधी और जनविरोधी नीतियों पर चलती रही तो देश की जनता उसे लोकतांत्रिक तरीके से और बड़ा जवाब देगी। धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मोदी सरकार के राजनीतिक पतन का पहला संकेत है। आने वाले समय में जनता हर उस नीति का हिसाब लेगी जिसने युवाओं के भविष्य, लोकतंत्र और संविधान को कमजोर करने का प्रयास किया है।
चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने देशभर के संघर्षरत छात्रों को इस जीत पर बधाई देते हुए आश्वासन दिया कि कांग्रेस पार्टी आगे भी युवाओं के अधिकारों, पारदर्शी भर्ती व्यवस्था, निष्पक्ष परीक्षाओं और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की लड़ाई सड़क से लेकर संसद तक पूरी मजबूती से लड़ती रहेगी।