‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान के तहत गांव हंडेसरा में आयोजित जागरूकता बैठक में विधायक कुलजीत सिंह रंधावा ने नशे की समस्या से निपटने के लिए पंचायतों, अभिभावकों और सामाजिक संस्थाओं को सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि केवल पुलिस कार्रवाई से नशे पर पूरी तरह रोक संभव नहीं है। युवाओं को खेल, शिक्षा और रोजगार प्रशिक्षण से जोड़ना जरूरी है।

लालड़ू: नशे के खिलाफ चल रही मुहिम को गांव स्तर पर मजबूत बनाने के लिए प्रशासन ने अब पंचायत प्रतिनिधियों, गांवों के पहरेदारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया है। इसी कड़ी में गांव हंडेसरा में ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान के तहत जागरूकता बैठक आयोजित की गई, जिसमें डेराबस्सी के विधायक कुलजीत सिंह रंधावा ने युवाओं को नशे से बचाने के लिए सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया।

बैठक में विधायक रंधावा ने कहा कि नशे की समस्या को केवल पुलिस कार्रवाई के सहारे खत्म नहीं किया जा सकता। गांवों में पंच-सरपंच, पहरेदार, अभिभावक, शिक्षक और सामाजिक संस्थाएं संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखें तथा नशे की गिरफ्त में आ चुके युवाओं को उपचार और पुनर्वास के लिए प्रेरित करें।

उन्होंने कहा कि युवाओं को खाली समय में खेल, शिक्षा, रोजगार प्रशिक्षण और अन्य रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना बेहद जरूरी है। परिवारों को भी बच्चों के व्यवहार में आने वाले बदलावों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर पहचान और उचित मार्गदर्शन से युवाओं को नशे की दलदल में जाने से रोका जा सकता है।

रंधावा ने कहा कि सरकार की ओर से नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं। अभियान को जन आंदोलन का रूप देने के लिए गांव स्तर पर लगातार बैठकें आयोजित की जाएंगी। उन्होंने लोगों से नशा बेचने वालों की सूचना पुलिस और प्रशासन को देने की अपील की।

बैठक में एसडीएम डेराबस्सी अमित गुप्ता, बीडीपीओ डेराबस्सी, एसएचओ हंडेसरा, हलका कोऑर्डिनेटर सुमित, पंच-सरपंच, ब्लॉक प्रधान, विभिन्न गांवों के पहरेदार, पार्टी पदाधिकारी, विभागीय अधिकारी और क्षेत्र के गणमान्य लोग मौजूद रहे।