जालंधर में राज्य स्तरीय बैठक के दौरान कर्मचारियों ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। डीए, पुरानी पेंशन, पदोन्नति और कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने सहित लंबित मांगों को लेकर 30 जुलाई को सभी डिपो में रोष रैलियां और मुख्यमंत्री के पुतले फूंकने का ऐलान किया गया।

जगरांव (रणजीत सिंह चन्न) : पंजाब रोडवेज कर्मचारी दल की जालंधर बस स्टैंड स्थित राज्य स्तरीय बैठक में पंजाब सरकार के खिलाफ तीखा रोष जताया गया है। राज्य प्रधान हरमीत सिंह संधू की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सरकार पर कर्मचारियों के साथ धोखाधड़ी करने और चुनावी वादों से मुकरने का गंभीर आरोप लगाया गया।

​राज्य जनरल सचिव सुखपाल सिंह ढिल्लों ने संबोधित करते हुए कहा कि सरकार कर्मचारियों की जायज मांगों को लगातार नजरअंदाज कर रही है। प्रमुख लंबित मांगों में कर्मचारियों को 18 प्रतिशत डी.ए. (महंगाई भत्ता) न देना, पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल न करना, समय पर पदोन्नतियां न करना तथा कच्चे कर्मचारियों को पक्का न करना शामिल हैं। इसके साथ ही, धुरी में मनरेगा कर्मियों और बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर किए गए अमानवीय लाठीचार्ज की भी कड़े शब्दों में भर्त्सना की गई।

​कर्मचारी नेताओं ने ऐलान किया कि पंजाब मुलाजिम ते पैंशनर्ज सांझा फ्रंट और सांझा तालमेल कमेटी के आह्वान पर आगामी 7 अगस्त को होने वाले राज्यव्यापी पूर्ण 'चक्का जाम' को पूर्ण समर्थन दिया जाएगा। इसके विरोधस्वरूप, आगामी 30 जुलाई को सभी डिपो स्तर पर रोष रैलियां आयोजित की जाएंगी और मुख्यमंत्री का पुतला फूंका जाएगा।

​बैठक में राज्य कैशियर श. सुखजिंदर सिंह, जसवीर सिंह, गुरजीत सिंह, परमिंदर सिंह और गगनदीप सिंह बाजवा सहित विभिन्न डिपोओं के प्रमुख प्रतिनिधि भारी संख्या में उपस्थित रहे। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द मांगें नहीं मानीं, तो आंदोलन को और तीव्र किया जाएगा।