लगातार बारिश से असम के 12 जिले बाढ़ की चपेट में हैं। 856 गांव जलमग्न हो चुके हैं और 5.66 लाख हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि प्रभावित हुई है। सरकार ने 363 राहत शिविर और वितरण केंद्र बनाए हैं। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ समेत बचाव दल लगातार अभियान चला रहे हैं। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं।

गुवाहाटी (Naren Danu) : असम में लगातार हो रही बारिश ने एक बार फिर हालात गंभीर कर दिए हैं। ऊपरी असम के कई इलाकों में बाढ़ का पानी अब भी कहर बरपा रहा है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, बीते 24 घंटे में 14 और लोगों की मौत हुई है, जिसके बाद राज्य में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 61 हो गई है।

बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने राहत और बचाव कार्यों की निगरानी तेज कर दी है। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों से स्थिति की समीक्षा की और राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

एएसडीएमए के अनुसार, इस समय राज्य के 12 जिले बाढ़ की चपेट में हैं। इनमें गोलाघाट, चराईदेव, डिब्रूगढ़, होजाई, नगांव, बिश्वनाथ, जोरहाट, धेमाजी, शिवसागर, शोणितपुर, कामरूप (मेट्रो) और कार्बी आंगलोंग शामिल हैं। बाढ़ से 37 राजस्व मंडलों के 856 गांव प्रभावित हुए हैं, जबकि करीब 7.05 लाख लोग और 56 हजार हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि पानी में डूब चुकी है।

नदियां भी कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। दिखौ, दिसांग, धनसिरी और कुशियारा नदियों में जलस्तर लगातार चिंता का कारण बना हुआ है।

प्रशासन ने प्रभावित लोगों के लिए 96 राहत शिविर और 267 राहत वितरण केंद्र बनाए हैं। राहत शिविरों में एक लाख से ज्यादा लोग शरण लिए हुए हैं, जबकि बड़ी संख्या में प्रभावित परिवार राहत सामग्री ले रहे हैं।

बाढ़ में जान-माल का नुकसान भी बढ़ता जा रहा है। 24 जुलाई को बरामद 14 शवों में चराईदेव में सात, शिवसागर में छह और जोरहाट में एक व्यक्ति शामिल है। वहीं बाढ़ से 3.34 लाख से ज्यादा पशु प्रभावित हुए हैं, जिनमें हजारों मवेशी और मुर्गियां शामिल हैं।

राहत एवं बचाव अभियान में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, पुलिस, अग्निशमन विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीमें लगातार जुटी हुई हैं। प्रभावित क्षेत्रों में 139 मेडिकल टीमें तैनात की गई हैं और 63 नावों के जरिए बचाव कार्य चलाया जा रहा है। अब तक करीब एक हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया है।

सरकार की ओर से बाढ़ पीड़ितों को चावल, दाल, नमक, सरसों तेल और पशुओं के चारे समेत आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि स्थिति अभी भी चुनौतीपूर्ण है और राहत एवं बचाव कार्यों को युद्धस्तर पर जारी रखा गया है।