कोलकाता (Naren Danu) : पश्चिम बंगाल सरकार ने शहरों को स्वच्छ और तकनीक आधारित बनाने के लिए कई बड़े फैसलों का ऐलान किया है। एक सितंबर से राज्य के शहरी क्षेत्रों में सार्वजनिक स्थानों पर थूकने, खुले में पेशाब करने और कचरा फैलाने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा। इसके लिए नियमों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
शहरी विकास एवं नगर निकाय मामलों की मंत्री अग्निमित्रा पाल ने विधानसभा में विभागीय बजट पर चर्चा के दौरान बताया कि 31 जुलाई तक 'स्वच्छ' मोबाइल ऐप पूरे राज्य में शुरू कर दिया जाएगा। इस ऐप के जरिए लोग सड़क या सार्वजनिक स्थानों पर पड़े कचरे की फोटो अपलोड कर शिकायत दर्ज करा सकेंगे। शिकायत मिलने के दो घंटे के भीतर संबंधित नगर निकाय को सफाई करनी होगी।
सरकार ठोस कचरा प्रबंधन को पूरी तरह डिजिटल बनाने की तैयारी में है। इसके तहत प्रत्येक शहरी परिवार को क्यूआर कोड दिया जाएगा, जबकि कचरा उठाने वाले सभी वाहनों में जीपीएस ट्रैकर लगाए जाएंगे। इससे कचरा संग्रहण की निगरानी रियल टाइम में हो सकेगी और जवाबदेही भी तय होगी।
मंत्री ने बताया कि 31 मई 2027 तक शहरों में वर्षों से जमा पुराने कचरे के बड़े ढेरों का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे प्रदूषण कम होगा और खाली हुई जमीन का दोबारा उपयोग किया जा सकेगा।
पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए मंदिरों और बाजारों से निकलने वाले फूलों से अगरबत्ती और अबीर तैयार किए जाएंगे, जबकि तालाबों से निकाली जाने वाली जलकुंभी का उपयोग हस्तशिल्प उत्पाद बनाने में होगा। प्लास्टिक कचरे के बेहतर प्रबंधन के लिए विभिन्न स्थानों पर बोतल क्रशर मशीनें लगाई जाएंगी और प्लास्टिक जमा कराने वालों को प्रोत्साहन स्वरूप मुफ्त बैग दिए जाएंगे। एकत्रित प्लास्टिक का इस्तेमाल वस्त्र उद्योग और सड़क निर्माण में किया जाएगा।
इसके अलावा सरकार हर घर में वर्षा जल संचयन प्रणाली लागू करने की योजना पर भी काम कर रही है, ताकि बारिश के पानी का उपयोग घरेलू कार्यों में किया जा सके। साथ ही ऑनलाइन शिकायत प्रणाली को और मजबूत बनाकर नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने की तैयारी है।