भारतीय विद्या मंदिर उधम सिंह नगर में वेद प्रचार मंडल की ओर से आयोजित वैदिक प्रवचन प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने वैदिक संस्कृति, नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक विचारों पर प्रभावशाली प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम में 19 छात्रों ने भाग लिया। वैद्य पवन सूद ने विद्यार्थियों को संस्कार, सत्य और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हुए वेदों के महत्व पर प्रकाश डाला।

लुधियाना: भारतीय विद्या मंदिर (बीवीएम), उधम सिंह नगर में गुरुवार को वेद प्रचार मंडल की ओर से वैदिक प्रवचन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैदिक संस्कृति, नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक विचारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।

कार्यक्रम में विद्यालय के वैद्य पवन सूद, उपप्रधान राजेश भारद्वाज तथा अस्मिता जी विशेष रूप से उपस्थित रहे। प्रतियोगिता में विद्यालय के 19 विद्यार्थियों ने विभिन्न वैदिक विषयों पर प्रभावशाली प्रवचन प्रस्तुत करते हुए अपने वक्तृत्व कौशल का प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों ने दार्शनिक विचारों, नैतिक सिद्धांतों और आध्यात्मिक शिक्षाओं पर आधारित विषयों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।

प्रतियोगिता का मूल्यांकन विद्यालय के संस्कृत शिक्षक राजकुमार तथा हिंदी शिक्षिका मोनिका ने किया। कक्षा नौ के छात्र आचार्य गुप्ता ने 'शौच, संतोष, तपस्या, स्वाध्याय एवं ईश्वरप्रणिधान' विषय पर अपने विचार प्रस्तुत कर सभी का ध्यान आकर्षित किया।

इस अवसर पर वैद्य पवन सूद ने कहा कि वेद केवल प्राचीन ग्रंथ नहीं हैं, बल्कि वर्तमान जीवन को सही दिशा देने वाले प्रकाशस्तंभ हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को सत्य, सदाचार, सतत अध्ययन और संस्कारों के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हुए वैदिक संस्कृति को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।

विद्यालय प्रबंधन ने प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास के साथ-साथ भारतीय संस्कृति और मूल्यों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।