चंडीगढ़: फैशन सिर्फ महंगे कपड़ों या ट्रेंड्स का नाम नहीं है, बल्कि अपनी पहचान बनाने की कला भी है। लुधियाना की जानी-मानी फैशन डिजाइनर पूजा मागो ने इसी सोच के साथ अपने सपनों को हकीकत में बदला। एक छोटे से होम स्टूडियो से शुरू हुआ उनका सफर आज एक प्रतिष्ठित फैशन लेबल में बदल चुका है। उनकी डिजाइनिंग पंजाब ही नहीं, बल्कि देशभर के ग्राहकों की पहली पसंद बन चुकी है। खास बातचीत में पूजा मागो ने अपने संघर्ष, सफलता, फैशन इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स और युवाओं के लिए अपने अनुभव साझा किए।
प्रश्न: आपके फैशन सफर की शुरुआत कैसे हुई? इस इंडस्ट्री में आने की प्रेरणा कहां से मिली?
उत्तर: यह सफर किसी प्लानिंग के साथ शुरू नहीं हुआ था। जब मैं छोटी थी, मेरी एक कजिन दिल्ली से इंटर्नशिप के लिए हमारे घर आई थीं। वह फैशन डिजाइनिंग की पढ़ाई कर रही थीं। उन्हें स्केच बनाते और कपड़ों पर डिजाइन तैयार करते देखकर मैं बहुत प्रभावित हुई। उसी दिन मुझे महसूस हुआ कि यही वह क्षेत्र है जिसमें मैं अपना भविष्य देख सकती हूं। इसके बाद मैंने निफ्ट मोहाली से फैशन डिजाइनिंग की पढ़ाई की। वर्ष 2007 में घर से ही अपना काम शुरू किया। उस समय मेरी दो छोटी बेटियां थीं, इसलिए परिवार और करियर दोनों को साथ लेकर चलना आसान नहीं था। लेकिन मैंने कभी अपने सपने को छोड़ने के बारे में नहीं सोचा। आज पीछे मुड़कर देखती हूं तो लगता है कि हर संघर्ष ने मुझे और मजबूत बनाया।
प्रश्न: पहला कदम उठाना कितना मुश्किल था?
उत्तर: सबसे मुश्किल काम शुरुआत करना होता है। बहुत से लोग इसलिए आगे नहीं बढ़ पाते क्योंकि वे सही समय का इंतजार करते रहते हैं। मैंने भी किसी बड़े शोरूम से नहीं, बल्कि अपने घर के एक छोटे से कमरे और एक अलमारी से शुरुआत की थी। उस समय संसाधन सीमित थे, लेकिन आत्मविश्वास और मेहनत की कमी नहीं थी। मेरा हमेशा से मानना रहा है कि कोई भी बड़ा ब्रांड एक दिन में नहीं बनता। लगातार मेहनत, अनुशासन और धैर्य ही किसी भी सपने को मंजिल तक पहुंचाते हैं। अगर आप छोटे कदम भी लगातार उठाते रहें, तो वही एक दिन बड़ी सफलता में बदल जाते हैं।
प्रश्न: आपका पहला ग्राहक कौन था? वह अनुभव कैसा रहा?
उत्तर: मेरे शुरुआती ग्राहक मेरे दोस्त और परिवार के लोग ही थे। उन्होंने मुझ पर भरोसा किया और मुझे काम करने का मौका दिया। मुझे कभी इस बात की झिझक नहीं हुई कि मैं घर से काम कर रही हूं या मेरे पास बड़ा स्टूडियो नहीं है। मेरा पूरा ध्यान सिर्फ अपने काम की गुणवत्ता पर था। जब लोगों ने मेरे डिजाइन पसंद किए और दूसरों को उनके बारे में बताया, तभी मेरा आत्मविश्वास बढ़ा। पहले छह महीने मेरे लिए सीखने का दौर थे और वहीं से मेरे ब्रांड की असली नींव रखी गई।
प्रश्न: आज लोग अपॉइंटमेंट लेकर आपसे मिलने आते हैं। यह बदलाव कैसा लगता है?
उत्तर: यह एहसास बहुत खास होता है। लेकिन मेरे लिए सबसे बड़ी खुशी तब होती है जब कोई क्लाइंट डिजाइन फाइनल होने के बाद भी मुझसे पूछता है कि 'क्या यह मुझ पर अच्छा लगेगा?' इसका मतलब है कि वह मेरे काम और मेरी राय पर भरोसा करता है। कई बार लोग सिर्फ फोटो खिंचवाने या अपनी शादी की तस्वीरें दिखाने भी आते हैं। यह मेरे लिए किसी अवॉर्ड से कम नहीं है। किसी के चेहरे पर मुस्कान लाना ही मेरी सबसे बड़ी उपलब्धि है।
प्रश्न: आजकल लोग ट्रेंड्स को आंख बंद करके फॉलो करते हैं। आप इसे कैसे देखती हैं?
उत्तर: मुझे लगता है कि यही आज की सबसे बड़ी गलती है। हर ट्रेंड हर व्यक्ति पर अच्छा नहीं लगता। फैशन का मतलब किसी सेलिब्रिटी या सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर की कॉपी करना नहीं है। असली फैशन तब होता है जब आपका पहनावा आपकी पर्सनैलिटी, बॉडी टाइप और आत्मविश्वास के अनुसार हो। एक डिजाइनर की जिम्मेदारी सिर्फ कपड़े बनाना नहीं, बल्कि अपने क्लाइंट को सही सलाह देना भी है।
प्रश्न: 2026 का सबसे बड़ा फैशन ट्रेंड क्या है?
उत्तर: इस समय स्ट्रक्चर्ड सिल्हूट्स, फिशटेल स्कर्ट्स और एलिगेंट ड्रेपिंग काफी ट्रेंड में हैं। लेकिन मैं हमेशा अपने क्लाइंट्स से यही कहती हूं कि ट्रेंड से ज्यादा जरूरी यह है कि कपड़ा उन पर कैसा लग रहा है। फैशन कभी भी 'वन साइज फिट्स ऑल' नहीं होता। हर व्यक्ति अलग होता है और डिजाइन भी उसी हिसाब से होना चाहिए।
प्रश्न: एक डिजाइनर के सामने सबसे बड़ी चुनौती क्या होती है?
उत्तर: सबसे बड़ी चुनौती क्रिएटिविटी और प्रैक्टिकलिटी के बीच संतुलन बनाना है। हमें ऐसा डिजाइन तैयार करना होता है जो आज भी पसंद आए और कई साल बाद भी पुराना न लगे। इसके साथ-साथ क्वालिटी बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है। हमारा प्रयास रहता है कि ग्राहक को उसके हर रुपये की कीमत मिले। फैब्रिक, एम्ब्रॉयडरी, फिटिंग और फिनिशिंग—हर चीज में गुणवत्ता से कभी समझौता नहीं किया जाता।
प्रश्न: लोग स्टाइलिंग में सबसे बड़ी गलती क्या करते हैं?
उत्तर: आज सोशल मीडिया का बहुत बड़ा प्रभाव है। लोग वही पहनना चाहते हैं जो इंटरनेट पर ट्रेंड कर रहा है, लेकिन यह नहीं सोचते कि वह उन पर अच्छा भी लगेगा या नहीं। दूसरी बड़ी गलती रेडीमेड साइज पर निर्भर रहना है। जब कपड़ा आपकी सही फिटिंग के अनुसार बनता है, तो आपका आत्मविश्वास अपने आप बढ़ जाता है। सही फिटिंग ही सबसे बड़ा स्टाइल स्टेटमेंट है।
प्रश्न: अगर किसी का बजट सिर्फ 5 हजार रुपये हो, तो उसकी वॉर्डरोब में क्या जरूर होना चाहिए?
उत्तर: मैं हमेशा कहती हूं कि महंगी शॉपिंग से ज्यादा जरूरी स्मार्ट शॉपिंग है। हर व्यक्ति के पास एक अच्छी फिटिंग वाली व्हाइट शर्ट, ब्लू डेनिम और एक क्लासिक ब्लैक ड्रेस जरूर होनी चाहिए। इन तीन चीजों को अलग-अलग एक्सेसरीज के साथ कई तरह से स्टाइल किया जा सकता है। कम बजट में भी शानदार वॉर्डरोब तैयार की जा सकती है।
प्रश्न: अगर किसी बॉलीवुड सेलिब्रिटी को डिजाइन करने का मौका मिले तो किसे चुनेंगी?
उत्तर: मेरे लिए तो हर क्लाइंट किसी सेलिब्रिटी से कम नहीं है। लेकिन अगर किसी एक बॉलीवुड स्टार का नाम लेना हो तो मैं प्रियंका चोपड़ा को चुनूंगी। उन्होंने भारत का नाम पूरी दुनिया में रोशन किया है। चाहे वह इंडियन वियर पहनें या इंटरनेशनल आउटफिट, उनका व्यक्तित्व हर लुक को खास बना देता है। उन्हें डिजाइन करना मेरे लिए एक यादगार अनुभव होगा।
प्रश्न: लोग आपको 'संतूर मॉम' कहते हैं। इसकी वजह?
उत्तर: (हंसते हुए) शायद यह भगवान का आशीर्वाद और अच्छे जीन्स का कमाल है। जहां भी जाती हूं, लोग यही कहते हैं कि मैं अपनी उम्र से काफी छोटी दिखती हूं। मेरी 21 साल की बेटी है और जब लोगों को यह पता चलता है तो वे हैरान रह जाते हैं। मुझे यह सुनकर अच्छा लगता है।
प्रश्न: नए फैशन डिजाइनर्स और युवाओं को क्या सलाह देना चाहेंगी?
उत्तर: मेरी सबसे बड़ी सलाह यही होगी कि शुरुआत करने से मत डरिए। बहुत से लोग सही समय का इंतजार करते-करते अपने सपनों को ही छोड़ देते हैं। कोई भी बड़ा ब्रांड एक दिन में नहीं बना। सफलता के पीछे वर्षों की मेहनत, धैर्य और अनुशासन होता है। सोशल मीडिया से प्रेरणा जरूर लें, लेकिन आंख बंद करके ट्रेंड्स की नकल न करें। अपनी अलग पहचान बनाइए और लगातार सीखते रहिए।
प्रश्न: क्या अच्छा दिखने के लिए महंगे ब्रांड पहनना जरूरी है?
उत्तर: बिल्कुल नहीं। फैशन का संबंध कीमत से नहीं, बल्कि क्वालिटी और स्टाइलिंग से है। अगर किसी कपड़े की क्वालिटी अच्छी है और आपने उसे सही तरीके से कैरी किया है, तो वह किसी महंगे डिजाइनर आउटफिट से कम नहीं लगेगा। एक साधारण ब्लैक शर्ट भी सही स्टाइलिंग के साथ बेहद आकर्षक दिख सकती है।
प्रश्न: हर व्यक्ति की वॉर्डरोब में कौन-से बेसिक रंग जरूर होने चाहिए?
उत्तर: मेरी राय में हर व्यक्ति के पास सफेद, काला, बेज और मैरून रंग के आउटफिट जरूर होने चाहिए। ये ऐसे रंग हैं जो लगभग हर भारतीय स्किन टोन पर अच्छे लगते हैं और कभी फैशन से बाहर नहीं होते। इन्हें अलग-अलग तरह से स्टाइल करके कई मौकों पर पहना जा सकता है। ये हर वॉर्डरोब की मजबूत नींव होते हैं।