नई दिल्ली (Naren Danu) : नीट-यूजी पेपर लीक विवाद को लेकर शुरू हुआ छात्र आंदोलन अब देशव्यापी अभियान का रूप लेने की तैयारी में है। सोशल मीडिया अभियान कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने शुक्रवार को ऐलान किया कि शिक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के विरोध में आंदोलन जारी रहेगा।
जंतर-मंतर पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अभियान प्रमुख अभिजीत दिपके ने कहा कि छात्रों की मांग स्पष्ट है और जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार यदि इस मामले का समाधान चाहती है तो उसे छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करना होगा।
दिपके ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य किसी राजनीतिक टकराव के बजाय परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक जैसी घटनाओं से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित होता है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई जरूरी है।
सोनम वांगचुक के फैसले का स्वागत
CJP ने पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक द्वारा 26 दिन की भूख हड़ताल समाप्त करने के फैसले का भी स्वागत किया। अभिजीत दिपके ने कहा कि वांगचुक ने छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए आंदोलन खत्म करने का निर्णय लिया और यह सुनिश्चित किया कि किसी छात्र के खिलाफ कार्रवाई न हो।
उन्होंने कहा कि वांगचुक के प्रयासों से देशभर में परीक्षा व्यवस्था और छात्रों की समस्याओं को लेकर जागरूकता बढ़ी है। उनके आंदोलन ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनाया।
जिलों में शांतिपूर्ण प्रदर्शन का आह्वान
CJP ने देशभर में एक दिन के शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है। अभियान के तहत "हर जिला, एक दिन, एक मांग" के संदेश के साथ छात्रों और समर्थकों से एकजुट होने की अपील की गई है।
गौरतलब है कि CJP की ओर से घोषित 'संसद चलो' मार्च के दौरान 20 जुलाई को बड़ी संख्या में छात्र जंतर-मंतर पहुंचे थे। प्रदर्शनकारी शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक पर कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।