भोपाल (Naren Danu) : करीब 70 करोड़ रुपये के मेफेड्रोन (MD) ड्रग तस्करी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ईडी के इंदौर उप-क्षेत्रीय कार्यालय ने वेद प्रकाश व्यास, दिनेश अग्रवाल और अक्षय अग्रवाल को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत हिरासत में लिया है।
एजेंसी के मुताबिक, यह मामला इंदौर अपराध शाखा में दर्ज उस एफआईआर से जुड़ा है, जिसमें लगभग 70 किलोग्राम मेफेड्रोन की अवैध तस्करी और कब्जे का आरोप है। मामले की जांच नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट के तहत शुरू हुई थी, जिसे बाद में मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से ईडी ने अपने हाथ में लिया।
जांच में ईडी को आशंका है कि नशीले पदार्थों की बिक्री से अर्जित रकम को छिपाने और वैध दिखाने के लिए कई बैंक खातों और कारोबारी लेन-देन का इस्तेमाल किया गया। एजेंसी का दावा है कि जांच के दौरान बड़े पैमाने पर नकद लेन-देन, रकम को अलग-अलग स्तरों पर घुमाने और अपराध से अर्जित आय को छिपाने के संकेत मिले हैं।
ईडी ने इससे पहले 17 जुलाई को इंदौर और मंदसौर में कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान तलाशी में संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड, डिजिटल उपकरण और अन्य अहम साक्ष्य जब्त किए गए थे। बरामद सामग्री की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
एजेंसी का कहना है कि नशे के कारोबार पर रोक लगाने के लिए केवल ड्रग्स की बरामदगी पर्याप्त नहीं है, बल्कि इसके पीछे काम कर रहे वित्तीय नेटवर्क और फंडिंग चैनल को खत्म करना भी जरूरी है। इसी उद्देश्य से ईडी मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े आर्थिक स्रोतों की पहचान कर कार्रवाई कर रही है।