युवा नेता बोले— पेपर लीक ने लाखों विद्यार्थियों के भविष्य और परीक्षा प्रणाली पर भरोसे को पहुंचाई ठेस। दिल्ली प्रदर्शन में कथित पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग, परीक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी व सुरक्षित बनाने पर दिया जोर।

लुधियाना: युवा नेता हरजोत साहोता ने नीट पेपर लीक मामले को देश के लाखों विद्यार्थियों के भविष्य के साथ गंभीर खिलवाड़ बताते हुए कहा कि इस मामले की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं विद्यार्थियों की वर्षों की मेहनत और परीक्षा प्रणाली पर उनके विश्वास को कमजोर करती हैं। दिल्ली में हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा बल प्रयोग किए जाने तथा कुछ महिला प्रदर्शनकारियों के साथ दुर्व्यवहार किए जाने संबंधी सामने आई मीडिया रिपोर्टें चिंताजनक हैं। उन्होंने कहा कि इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए और यदि ये सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
हरजोत साहोता ने कहा कि सरकार को युवाओं की आवाज़ सुनते हुए परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि परीक्षाओं की निगरानी के लिए स्वतंत्र व्यवस्था को और मजबूत किया जाए तथा पेपर लीक जैसे मामलों में दोषियों को समयबद्ध और कड़ी सज़ा सुनिश्चित की जाए, ताकि विद्यार्थियों का परीक्षा प्रणाली पर विश्वास फिर से कायम हो सके।

उन्होंने कहा कि देश के युवा भारत की सबसे बड़ी ताकत हैं और उनकी मेहनत, सम्मान तथा भविष्य की रक्षा करना हर सरकार की जिम्मेदारी है।