सेक्टर-13 मनीमाजरा के न्यू दर्शनी बाग में हुई लाखों रुपये की चोरी के मामले में पीड़ित परिवार ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। परिवार का आरोप है कि घर से करीब 5 तोले का सोने का हार और 40 हजार रुपये नकद चोरी होने के बाद सीसीटीवी फुटेज व संदिग्ध युवतियों की जानकारी पुलिस को दी गई, लेकिन कई दिन बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं हुई और जांच आगे नहीं बढ़ सकी।

चंडीगढ़ (अजीत झा) : सेक्टर 13 मनीमाजरा स्थित न्यू दर्शनी बाग में हुई लाखों रुपये की चोरी ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित महिला का आरोप है कि घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद न तो एफआईआर दर्ज की गई और न ही सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रही संदिग्ध युवतियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई की गई।

पीड़ित परिवार के अनुसार उनके घर से करीब 5 तोले का सोने का हार (लगभग ₹7.5 लाख) और ₹40 हजार नकद चोरी हो गए। घटना के तुरंत बाद पुलिस को सूचना दी गई। परिवार का दावा है कि घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, संदिग्ध युवतियों की तस्वीरें और उनसे जुड़े महत्वपूर्ण सुराग भी पुलिस को सौंप दिए गए, लेकिन इसके बावजूद मामला आगे नहीं बढ़ा।

अब खुद ही आरोपियों की तलाश में परिवार

पुलिस कार्रवाई में देरी से निराश पीड़ित महिला अब खुद ही आरोपियों की तलाश में जुट गई है। परिवार ने शहर के कई ज्वैलर्स को चोरी हुए सोने के हार की पूरी जानकारी और पहचान भी उपलब्ध करा दी है, ताकि यदि आरोपी हार बेचने की कोशिश करें तो इसकी सूचना तुरंत मिल सके।

CCTV फुटेज बना सबसे बड़ा सबूत

पीड़ित का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज में दो संदिग्ध युवतियां स्पष्ट दिखाई दे रही हैं। परिवार का दावा है कि फुटेज के अलावा आरोपियों तक पहुंचने में मदद करने वाले अन्य सुराग भी पुलिस को दिए जा चुके हैं। इसके बावजूद अब तक एफआईआर दर्ज न होने और जांच में प्रगति न होने से परिवार खुद को असहाय महसूस कर रहा है।

इलाके में चर्चा, पुलिस पर उठे सवाल

मामले ने स्थानीय लोगों का ध्यान भी खींचा है। लोगों का कहना है कि यदि प्राथमिक साक्ष्य और सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध होने के बावजूद कार्रवाई में देरी होती है, तो इससे कानून व्यवस्था पर लोगों का भरोसा प्रभावित हो सकता है। उनका मानना है कि ऐसे मामलों में त्वरित जांच और कानूनी प्रक्रिया शुरू होना जरूरी है।

पुलिस का पक्ष आना बाकी

मनीमाजरा थाना पुलिस की ओर से इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। पुलिस का पक्ष मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। फिलहाल सबकी नजर इस बात पर है कि पुलिस इस मामले में क्या कदम उठाती है और पीड़ित परिवार को कब न्याय मिल पाता है।