चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड और नगर निगम चंडीगढ़ के खातों से कथित धन गबन की जांच में सीबीआई ने चंडीगढ़ और लुधियाना के पांच स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान डिजिटल साक्ष्य, वित्तीय रिकॉर्ड, संपत्ति संबंधी दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री जब्त की गई। एजेंसी अब इन दस्तावेजों की विस्तृत जांच कर धन के कथित दुरुपयोग और उससे जुड़े लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।

नई दिल्ली/चंडीगढ़ (Naren Danu) : चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड (सीएससीएल) और नगर निगम चंडीगढ़ के खातों से कथित सरकारी धन के गबन की जांच में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने बुधवार को चंडीगढ़ और लुधियाना में पांच अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी कर कई अहम दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं।

सीबीआई के अनुसार, यह कार्रवाई आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में मौजूद सीएससीएल और नगर निगम चंडीगढ़ के खातों से धन के कथित दुरुपयोग की जांच के तहत की गई। छापे संदिग्ध लाभार्थियों, चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड के अधिकारी अनुभव मिश्रा, कुछ निजी संस्थाओं और अन्य संदिग्धों के आवासीय व व्यावसायिक परिसरों पर मारे गए।

डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय दस्तावेज जब्त

तलाशी के दौरान जांच एजेंसी को कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, डिजिटल सिग्नेचर, स्टोरेज ड्राइव, वित्तीय लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड, संपत्ति संबंधी दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री मिली है। सीबीआई इन दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड का फोरेंसिक विश्लेषण कर रही है ताकि धन के प्रवाह और कथित गबन की पूरी कड़ी का पता लगाया जा सके।

504 करोड़ रुपये के कथित बैंकिंग घोटाले से जुड़ा मामला

सीबीआई का कहना है कि यह जांच आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की सेक्टर-32, चंडीगढ़ शाखा से जुड़े कथित 504 करोड़ रुपये के बैंकिंग घोटाले का हिस्सा है। आरोप है कि हरियाणा सरकार के आठ विभागों की सरकारी राशि फर्जी या अस्तित्वहीन फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) और धोखाधड़ीपूर्ण बैंक लेनदेन के जरिए निकालकर शेल कंपनियों में ट्रांसफर की गई।

अब तक कई अधिकारियों पर चार्जशीट

हरियाणा सरकार के अनुरोध पर सीबीआई ने यह मामला राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से अपने हाथ में लिया था। हरियाणा से जुड़े मामले में अब तक 17 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है। इनमें बैंक अधिकारियों, सरकारी कर्मचारियों, निजी व्यक्तियों और कंपनियों के नाम शामिल हैं।

इसके अलावा सीबीआई चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश से जुड़े दो अन्य मामलों की भी जांच कर रही है। इनमें एक मामला चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड और नगर निगम से जुड़ा है, जबकि दूसरा चंडीगढ़ रिन्यूएबल एनर्जी एंड साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रमोशन सोसायटी (क्रेस्ट) से संबंधित है।

सीएससीएल मामले में एजेंसी पहले ही पांच बैंक अधिकारियों, एक सीएससीएल अधिकारी और एक निजी व्यक्ति के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। वहीं, क्रेस्ट मामले में भी बैंक अधिकारियों, सरकारी अधिकारियों, निजी व्यक्तियों और कंपनियों के खिलाफ आरोपपत्र अदालत में पेश किया जा चुका है।