आईएमडी के अलर्ट के बाद प्रशासन ने जारी रखी रोक, जम्मू के भगवती नगर समेत कई बेस कैंपों में करीब 9 हजार से अधिक तीर्थयात्री मौजूद। सुरक्षा और मौसम की स्थिति को देखते हुए आगे का फैसला लिया जाएगा।

जम्मू (Naren Danu) : जम्मू-कश्मीर में खराब मौसम और भारी बारिश की चेतावनी के चलते धार्मिक यात्राओं पर लगी रोक मंगलवार को चौथे दिन भी जारी रही। श्री अमरनाथ जी यात्रा, माता वैष्णो देवी यात्रा, शिव खोड़ी यात्रा और मचैल माता यात्रा को सुरक्षा कारणों से अभी शुरू नहीं किया जा सका है।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के खराब मौसम के पूर्वानुमान को देखते हुए प्रशासन ने 18 जुलाई की शाम से ही इन यात्राओं को अस्थायी रूप से रोक दिया था। अमरनाथ यात्रा के लिए बालटाल और नंदीवान-पहलगाम दोनों मार्गों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही बंद है।

अधिकारियों के अनुसार, बारिश शुरू होने से पहले पंचतरणी और बालटाल बेस कैंप में मौजूद कुछ श्रद्धालुओं को दर्शन की अनुमति दी गई थी, लेकिन इसके बाद मौसम बिगड़ने के कारण पवित्र गुफा की ओर जाने वाले मार्ग पर फिर से रोक लगा दी गई।

जम्मू स्थित भगवती नगर यात्री निवास और आशा राम बापू आश्रम में करीब 6000 अमरनाथ यात्री ठहरे हुए हैं। वहीं, कई श्रद्धालु हालात को देखते हुए अपने घरों की ओर लौट चुके हैं। जम्मू से अब तक 2000 से अधिक यात्रियों के वापस जाने की जानकारी मिली है।

इसके अलावा गीता भवन में करीब 250 साधु और पुरानी मंडी स्थित राम मंदिर में लगभग 200 साधु रुके हुए हैं। विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने यात्रियों की सुविधा के लिए लंगर और अन्य व्यवस्थाएं शुरू कर दी हैं।

अधिकारियों के मुताबिक, अनंतनाग के नंदीवान-पहलगाम क्षेत्र में करीब 2800 तीर्थयात्री मौजूद हैं। इसके अलावा श्रीनगर के पंथा चौक यात्री निवास में 438, गांदरबल के बालटाल में 134 और रामबन के चंदरकोट यात्री निवास में 458 श्रद्धालु ठहरे हुए हैं।

मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर में 24 जुलाई तक खराब मौसम बने रहने का अनुमान जताया है। प्रशासन ने साफ किया है कि यात्राएं मौसम की स्थिति और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के बाद ही दोबारा शुरू की जाएंगी।