जीरकपुर: शहर में लगातार गंभीर होती सीवरेज जाम और जल निकासी की समस्या को लेकर नगर काउंसिल के नवनियुक्त अध्यक्ष गुरप्रीत सिंह विर्क ने कार्यभार संभालते ही अधिकारियों को सक्रिय कर दिया है। अध्यक्ष ने अपने कार्यकाल के पहले ही दिन सिंहपुरा स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण कर उसकी कार्यप्रणाली, क्षमता और तकनीकी खामियों की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान विर्क ने मौके पर मौजूद अधिकारियों और तकनीकी कर्मचारियों से प्लांट की मौजूदा स्थिति पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि लंबे समय से चली आ रही तकनीकी कमियों को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए, ताकि शहर के विभिन्न इलाकों में बार-बार पैदा होने वाली सीवरेज ब्लॉकेज की समस्या पर काबू पाया जा सके।
विर्क ने कहा कि शहर का मौजूदा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट पिछले काफी समय से अपनी पूरी क्षमता के अनुसार काम नहीं कर रहा था। इसका सीधा असर शहर की सीवरेज व्यवस्था पर पड़ रहा था और कई कॉलोनियों में गंदा पानी जमा होने तथा सीवर ओवरफ्लो की शिकायतें सामने आ रही थीं। प्लांट को सुचारू रूप से चलाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और जल्द ही लोगों को इसका असर दिखाई देगा।
उन्होंने कहा कि नगर काउंसिल का उद्देश्य केवल शिकायतों का अस्थायी समाधान करना नहीं, बल्कि शहर की जरूरतों के अनुसार स्थायी आधारभूत ढांचा तैयार करना है। जीरकपुर की आबादी तेजी से बढ़ रही है, इसलिए सीवरेज, सफाई, पेयजल और यातायात जैसी मूलभूत सुविधाओं को भी उसी अनुपात में मजबूत करना जरूरी है।
अगले महीने शुरू हो सकता है नए एसटीपी का काम
नगर काउंसिल अध्यक्ष ने बताया कि पीआर-7 रोड पर 55 एमएलडी क्षमता का नया सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट प्रस्तावित है। इसका निर्माण कार्य अगले महीने शुरू होने की संभावना है। नए प्लांट के शुरू होने के बाद मौजूदा एसटीपी पर पड़ रहा दबाव कम होगा और शहर की नई विकसित हो रही सोसायटियों एवं कॉलोनियों को भी बेहतर सीवरेज सुविधा मिल सकेगी।
विर्क ने कहा कि जीरकपुर को साफ-सुथरा, सुंदर और सुविधाजनक शहर बनाने के लिए अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। विकास कार्यों की नियमित समीक्षा के साथ मौके पर निरीक्षण भी जारी रहेगा।इसमें अध्यक्ष के दौरे से ज्यादा शहर की सीवरेज समस्या, बढ़ती आबादी और स्थायी समाधान को प्रमुखता दी गई है।