चंडीगढ़: शहर में विकास कार्यों में तेजी लाने और अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के उद्देश्य से मंगलवार को मेयर सौरभ जोशी ने नगर निगम के इंजीनियरिंग विंग के साथ करीब पांच घंटे तक मैराथन समीक्षा बैठक की। बैठक में शहर के सभी लंबित विकास कार्यों की विस्तार से समीक्षा करते हुए प्रत्येक परियोजना के शुरू होने की समयसीमा तय की गई।
बैठक में मुख्य अभियंता संजय अरोड़ा, सभी सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, एसडीई और जेई मौजूद रहे। सेक्टरवार और वार्डवार आधार पर चल रहे कार्यों, स्वीकृत परियोजनाओं, लंबित टेंडरों, आवंटन की प्रतीक्षा कर रहे कार्यों और विभिन्न आधारभूत ढांचा परियोजनाओं की स्थिति का आकलन किया गया।
मेयर ने पहली बार जनरल हाउस और वित्त एवं अनुबंध समिति (एफ एंड सीसी) से स्वीकृत प्रस्तावों और अनुमानों की एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) की भी विस्तृत समीक्षा कराई। उन्होंने उन परियोजनाओं पर विशेष नाराजगी जताई, जिनमें प्रशासनिक मंजूरी मिलने के बावजूद काम शुरू नहीं हो सका।
सौरभ जोशी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक लंबित परियोजना में देरी के कारणों की जवाबदेही तय की जाए। उन्होंने कहा कि प्रक्रियागत बाधाओं का समाधान प्राथमिकता से किया जाएगा, लेकिन लापरवाही या अनावश्यक विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं होगा।
उन्होंने इंजीनियरिंग विंग को निर्देश दिए कि जिन कार्यों के टेंडर या आवंटन लंबित हैं, उन्हें तय समयसीमा के भीतर पूरा कर जल्द निर्माण कार्य शुरू कराया जाए। उनका कहना था कि मंजूरी मिलने के बाद किसी भी परियोजना को फाइलों तक सीमित नहीं रहने दिया जाएगा।
बैठक के दौरान सड़कों, स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज, पेयजल आपूर्ति, सीवरेज, पार्कों, बाजारों, सामुदायिक केंद्रों और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। मेयर ने सभी अभियंताओं को गुणवत्ता, पारदर्शिता और तकनीकी मानकों से समझौता किए बिना कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
साथ ही सभी इंजीनियरिंग अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर जनरल हाउस और एफ एंड सीसी से स्वीकृत सभी परियोजनाओं, आवंटित कार्यों और निर्माणाधीन परियोजनाओं की विस्तृत प्रगति रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए। मेयर ने कहा कि जल्द ही अगली समीक्षा बैठक कर तय लक्ष्यों की प्रगति की जांच की जाएगी और बिना उचित कारण देरी मिलने पर जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।
मेयर सौरभ जोशी ने कहा कि नगर निगम अब “फाइलों में लंबित काम” की संस्कृति को समाप्त करने की दिशा में आगे बढ़ चुका है। निगम का फोकस अब समयबद्ध विकास, सख्त जवाबदेही और जमीन पर दिखाई देने वाले परिणामों पर है, ताकि शहरवासियों को आधुनिक और बेहतर नागरिक सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जा सकें।