राजौरी-पुंछ समेत कई जिलों में हालात गंभीर, मलबे में दबे और लापता लोगों की तलाश जारी; लोरान में घर गिरने से सात की मौत, डोडा में बस पर पत्थर गिरने से दो यात्रियों ने गंवाई जान, प्रशासन ने जारी की भारी बारिश को लेकर सतर्कता एडवाइजरी

जम्मू (Naren Danu) : जम्मू-कश्मीर में लगातार बिगड़े मौसम ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। भारी बारिश, भूस्खलन और बाढ़ की आशंका के चलते मंगलवार को लगातार तीसरे दिन श्री अमरनाथ यात्रा और श्री माता वैष्णो देवी यात्रा को रोकना पड़ा। इसके अलावा रियासी जिले की शिवखोड़ी यात्रा और किश्तवाड़ की मचैल माता यात्रा भी सुरक्षा कारणों से स्थगित कर दी गई है।

जम्मू संभाग में पिछले दो दिनों से जारी प्राकृतिक आपदा में अब तक 18 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। राजौरी और पुंछ जिलों में बाढ़ व भूस्खलन के बाद लापता छह लोगों की तलाश मंगलवार को भी जारी रही।

सबसे बड़ा हादसा पुंछ जिले के मंडी क्षेत्र के लोरान इलाके में हुआ, जहां भूस्खलन की चपेट में आने से एक कच्चा मकान ढह गया। हादसे में एक ही परिवार के सात लोगों की मौत हो गई, जिनमें दो मासूम बच्चे भी शामिल हैं। मृतकों में चार साल के रफीक और दो साल की अरेजा रफीक समेत परिवार के अन्य सदस्य शामिल हैं।

वहीं डोडा जिले में चलती बस पर पहाड़ी से गिरे भारी पत्थर की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि छह यात्री घायल हो गए। किश्तवाड़ में भी पत्थर गिरने की घटना में एक महिला की जान चली गई।

लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में बचाव कार्य प्रभावित हो रहे हैं। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं खोज अभियान चला रही हैं।

इस बीच जम्मू-कश्मीर और लद्दाख आपदा प्रबंधन, राहत, पुनर्वास एवं पुनर्निर्माण विभाग ने लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की है। इसमें भारी बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए यात्रियों, पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम में गैर-जरूरी यात्रा से बचें, नदी-नालों, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों और भूस्खलन संभावित इलाकों से दूर रहें। साथ ही उफनती धाराओं, क्षतिग्रस्त सड़कों और कमजोर पुलों को पार करने से भी बचने को कहा गया है।