इंदौर (Naren Danu) : मध्य प्रदेश के इंदौर ने नशे के खिलाफ जनजागरूकता की मिसाल पेश करते हुए एक नया विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। 'नशे से दूरी है जरूरी 2.0' अभियान के तहत आयोजित विशाल कार्यक्रम में 8,534 लोगों ने एक साथ मानव श्रृंखला बनाकर नशामुक्त समाज का संदेश दिया। इस उपलब्धि के साथ इंदौर पुलिस कमिश्नरेट ने अपने ही 7,100 प्रतिभागियों वाले पुराने विश्व रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
पुलिस मुख्यालय के अनुसार, इस ऐतिहासिक आयोजन में विद्यार्थियों, खिलाड़ियों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, नगर सुरक्षा समिति के सदस्यों, पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों, मेडिकल छात्रों और आम नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। विश्व रिकॉर्ड की पुष्टि के लिए वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के प्रतिनिधियों ने प्रमाण-पत्र पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह को सौंपा।
कार्यक्रम केवल मानव श्रृंखला तक सीमित नहीं रहा। आयोजन के दौरान हजारों लोगों को एक साथ नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया, जिसके आधार पर एक अन्य विश्व रिकॉर्ड के लिए भी दावा प्रस्तुत किया गया है। इस तरह इंदौर पुलिस ने एक ही मंच से दो विश्व रिकॉर्ड दर्ज कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है।
पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने और दूसरों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने की अपील की। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने नशामुक्त इंदौर और नशामुक्त मध्य प्रदेश के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की शपथ भी ली।
राज्यभर में चल रहे 'नशे से दूरी है जरूरी 2.0' अभियान के तहत पुलिस लगातार स्कूलों, कॉलेजों, कोचिंग संस्थानों और सामाजिक संगठनों के माध्यम से जनजागरूकता कार्यक्रम चला रही है। अभियान का उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रखते हुए इसे जनआंदोलन का रूप देना और समाज में नशामुक्ति के प्रति व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करना है।