चंडीगढ़ (Naren Danu) : हरियाणा सरकार ने दिव्यांग बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और समावेशी शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए विशेष शिक्षकों के 1093 पदों को मंजूरी दे दी है। इन पदों पर भर्ती के लिए जल्द विज्ञापन जारी किया जाएगा और सरकार ने छह महीने के भीतर पूरी भर्ती प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने संबंधित विभागों को विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए जल्द से जल्द नियुक्तियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
राज्य के सरकारी स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा तक 12,827 दिव्यांग विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। हाई कोर्ट के निर्देशों के बाद सरकार ने दो माह के भीतर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है। स्वीकृत पदों में 713 विशेष शिक्षक पहली से पांचवीं कक्षा तथा 380 शिक्षक छठी से आठवीं कक्षा के लिए नियुक्त किए जाएंगे। यह भर्ती दिव्यांग विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार निर्धारित शिक्षक-छात्र अनुपात के आधार पर की जाएगी।
सरकार ने विशेष शिक्षकों की सीधी भर्ती के लिए वर्ष 2022-23 की नीति को आधार बनाया है। बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 और दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम-2016 के तहत विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए प्रशिक्षित शिक्षकों की नियुक्ति अनिवार्य है। वर्तमान में हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद, माध्यमिक शिक्षा निदेशालय और नेशनल एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड (एनएबी) के माध्यम से कुल 360 विशेष शिक्षक अनुबंध पर सेवाएं दे रहे हैं, जिनमें अधिकांश पिछले दस वर्षों से कार्यरत हैं।
सरकार केवल भर्ती तक ही सीमित नहीं रहेगी, बल्कि ऑटिज्म, सेरेब्रल पाल्सी, डाउन सिंड्रोम और लर्निंग डिसएबिलिटी से प्रभावित बच्चों की बेहतर शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इसके अलावा बीएड और डीएलएड पाठ्यक्रमों में विशेष शिक्षा से जुड़े मॉड्यूल शामिल करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। फिलहाल 300 से अधिक प्रशिक्षुओं को इस दिशा में प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि राज्य में समावेशी शिक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।