सुक्खू सरकार ने रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा और किसानों से जुड़े कई प्रस्तावों को दी मंजूरी; पुलिस, स्कूलों और पंचायतों में खुलेंगे नए अवसर

शिमला (Naren Danu) : हिमाचल प्रदेश में रोजगार के मोर्चे पर बड़ा फैसला लेते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल बैठक में 5,600 से अधिक पदों को भरने की मंजूरी दे दी गई है। बैठक में सरकारी सेवाओं को मजबूत करने के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, पंचायत, पुलिस और अन्य विभागों में नई भर्तियों को हरी झंडी दी गई।

कैबिनेट के फैसले के अनुसार ग्राम पंचायतों में 400 मल्टी टास्क वर्कर, सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में 3,950 चौकीदार और मल्टी टास्क वर्कर, शिक्षा विभाग में 200 जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (लाइब्रेरी) और पंचायतों में 280 टेक्निकल असिस्टेंट के पद भरे जाएंगे।

इसके अलावा नवनिर्मित नूरपुर पुलिस जिले के लिए 102 पद, खेल उत्कृष्टता केंद्र के लिए 48 पद, पंचायत विभाग में 35 पद, मत्स्य विभाग में 10 पद, स्थायी लोक अदालतों के संचालन के लिए 28 पद और अन्य विभागों में भी नए पद सृजित करने का निर्णय लिया गया है। मेडिकल कॉलेजों में डायलिसिस तकनीशियनों के 65 पद भरने और टांडा मेडिकल कॉलेज में गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सर्जरी विभाग शुरू करने को भी मंजूरी मिली है।

आशा वर्करों का मानदेय बढ़ा

मंत्रिमंडल ने आशा वर्करों को राहत देते हुए उनके मासिक मानदेय में 1,000 रुपये की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। अब उन्हें 5,800 रुपये की जगह 6,800 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। यह बढ़ोतरी 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी।

वहीं नंबरदारों का मानदेय 4,500 रुपये से बढ़ाकर 5,000 रुपये किया गया है। राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार पाने वाले शिक्षकों की पुरस्कार राशि 60 हजार रुपये से बढ़ाकर 1.50 लाख रुपये और राज्य शिक्षक पुरस्कार की राशि 40 हजार रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दी गई है।

मेडिकल शिक्षा क्षेत्र में भी कई फैसले लिए गए हैं। सुपर स्पेशियलिटी शिक्षकों को नॉन प्रैक्टिसिंग अलाउंस देने और पीजी छात्रों का स्टाइपेंड बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। अब प्रथम वर्ष के छात्रों को 50 हजार, द्वितीय वर्ष को 60 हजार और तृतीय वर्ष के छात्रों को 65 हजार रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड मिलेगा।

स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र को मजबूती

कैबिनेट ने हमीरपुर जिले के धनैटा में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित करने का फैसला लिया है। इसके लिए 75 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है।

आईजीएमसी शिमला और डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा में रेडियोथेरेपी टेक्नोलॉजिस्ट और रेडिएशन थेरेपी टेक्नोलॉजी के नए स्नातक पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। दोनों संस्थानों में 30-30 सीटें होंगी।

सरकारी स्कूलों में नर्सरी से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को सप्ताह में दो दिन मिड-डे मील के साथ उबला अंडा या मौसमी फल देने का भी निर्णय लिया गया है।

किसानों और युवाओं के लिए योजनाओं को मंजूरी

कैबिनेट ने मत्स्य क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए नई योजनाओं को मंजूरी दी है। मछुआरों को नावों पर 70 प्रतिशत और जाल व अन्य उपकरणों पर 90 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाएगी। बंद मछली पकड़ने के मौसम में पात्र परिवारों को मुख्यमंत्री मछुआरा सम्मान निधि योजना के तहत 3,500 रुपये की सहायता मिलेगी।

कृषि और बागवानी क्षेत्र के लिए 20 कोल्ड स्टोरेज, 10 फ्रीज ड्राई यूनिट और 20 रेफ्रिजरेटेड वैन पर 70 प्रतिशत अनुदान देने का फैसला लिया गया है।

ई-टैक्सी योजना में युवाओं को राहत देते हुए आवेदन की अधिकतम आयु सीमा 45 वर्ष से बढ़ाकर 50 वर्ष कर दी गई है।

सड़क सुरक्षा और पुलिस भर्ती पर भी फैसला

मंत्रिमंडल ने सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए रोड सेफ्टी ऑडिट नीति को मंजूरी दी है। इसके अलावा पुलिस विभाग में 800 कांस्टेबलों की भर्ती के लिए अधिकतम आयु सीमा में एक वर्ष की छूट देने का फैसला किया गया है।

12 वर्ष या उससे अधिक समय से सेवा दे रहे अंशकालिक पंचायत चौकीदारों को दैनिक वेतनभोगी बनाने का निर्णय भी लिया गया है।

कैबिनेट ने शिमला, मंडी, धर्मशाला और ऊना में स्थायी लोक अदालतें स्थापित करने, कांगड़ा के बड़ोह में नया फायर पोस्ट खोलने और पुलिस थानों में लापता बच्चों से जुड़े मामलों की निगरानी के लिए लीगल वालंटियर तैनात करने को भी मंजूरी दी है।

मंत्रिमंडल के इन फैसलों को राज्य में रोजगार सृजन, सामाजिक सुरक्षा और बुनियादी सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।