चंडीगढ़ (Naren Danu) : हरियाणा में वाहन चलाने का लाइसेंस लेने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। अब लर्निंग लाइसेंस जारी होने से पहले आवेदकों को सुरक्षित ड्राइविंग और प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) का प्रशिक्षण पूरा करना अनिवार्य होगा। सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण और वाहन चालकों को जागरूक बनाने के उद्देश्य से परिवहन विभाग ने नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी कर ली है।
नई व्यवस्था के तहत लर्निंग लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी, हरियाणा के ‘सेफ ड्राइविंग एंड फर्स्ट एड’ ऑनलाइन ट्यूटोरियल को पूरा करना होगा। परिवहन विभाग ने इसके लिए नया मॉड्यूल जारी कर दिया है, जिसे जल्द ही केंद्र सरकार के सारथी पोर्टल के साथ जोड़ा जाएगा।
हरियाणा रेडक्रॉस सोसायटी ने इस प्रशिक्षण के लिए विशेष लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम तैयार किया है। इस ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर सड़क सुरक्षा नियमों, सुरक्षित वाहन संचालन और दुर्घटना के समय प्राथमिक उपचार से जुड़े वीडियो व प्रशिक्षण सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।
परिवहन विभाग के अनुसार, सारथी पोर्टल से जुड़ने के बाद आवेदन प्रक्रिया के दौरान यह स्वत: जांच हो जाएगी कि आवेदक ने प्रशिक्षण पूरा किया है या नहीं। प्रशिक्षण पूरा किए बिना किसी भी व्यक्ति का लर्निंग लाइसेंस जारी नहीं किया जाएगा।
हरियाणा रेडक्रॉस सोसायटी के वाइस चेयरमैन अंकुश मिगलानी ने बताया कि इस पहल से सड़क सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा और वाहन चालकों को दुर्घटना की स्थिति में जरूरी प्राथमिक उपचार की जानकारी भी मिलेगी। उन्होंने कहा कि इससे न केवल दुर्घटनाओं में कमी लाने में मदद मिलेगी, बल्कि आपात स्थिति में लोगों की जान बचाने में भी सहायता मिलेगी।
उन्होंने बताया कि ड्राइविंग लाइसेंस और फर्स्ट एड ट्रेनिंग के लिए नया ऑनलाइन पोर्टल तैयार किया गया है। इसके माध्यम से आवेदकों को जिला कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। वे घर बैठे ऑनलाइन आवेदन और प्रशिक्षण की पूरी प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।
प्रशिक्षण के दौरान आवेदकों को वीडियो ट्यूटोरियल के माध्यम से घायल व्यक्ति की मदद, रक्तस्राव रोकने, सड़क दुर्घटना के समय प्राथमिक उपचार और सुरक्षित ड्राइविंग के नियमों की जानकारी दी जाएगी। वीडियो देखने के बाद ऑनलाइन परीक्षा आयोजित होगी। पहली बार परीक्षा में असफल होने वाले अभ्यर्थियों को दोबारा परीक्षा देने का अवसर भी मिलेगा।