माया सैंडू के साथ द्विपक्षीय वार्ता में कई अहम क्षेत्रों पर चर्चा, आईटीईसी प्रशिक्षण सीटें दोगुनी करने का ऐलान

नई दिल्ली (Naren Danu) : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अपनी तीन देशों की राजकीय यात्रा के पहले चरण में सोमवार को मोल्दोवा की राजधानी चिशिनाउ में राष्ट्रपति माया सैंडू के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता की। दोनों देशों ने कृषि, स्वास्थ्य, औषधि, नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), नवाचार, लॉजिस्टिक्स और आधारभूत ढांचे जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, राष्ट्रपति मुर्मु रविवार को चिशिनाउ पहुंचीं, जहां मोल्दोवा के उप प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री मिहाई पोपशोई ने उनका स्वागत किया। उनके साथ केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण राज्यमंत्री निमुबेन जयंतीभाई बंभानिया, राज्यसभा सदस्य डॉ. दिनेश शर्मा और लोकसभा सदस्य विजय बघेल भी मौजूद रहे।

मोल्दोवा के राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति माया सैंडू ने राष्ट्रपति मुर्मु का औपचारिक स्वागत किया। इस दौरान उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच अकेले में बातचीत के साथ-साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता हुई, जिसमें द्विपक्षीय संबंधों के विस्तार और भविष्य की साझेदारी को लेकर व्यापक चर्चा की गई।

राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि किसी भारतीय राष्ट्रपति की यह पहली राजकीय मोल्दोवा यात्रा दोनों देशों के संबंधों में ऐतिहासिक अवसर है। उन्होंने कहा कि भौगोलिक दूरी के बावजूद भारत और मोल्दोवा के बीच पिछले तीन दशकों से मजबूत और मैत्रीपूर्ण संबंध बने हुए हैं। दोनों देशों की साझेदारी शांति, विकास और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के साझा मूल्यों पर आधारित है।

उन्होंने आर्थिक सहयोग को द्विपक्षीय संबंधों का अहम स्तंभ बताते हुए व्यापार और निवेश बढ़ाने, आपूर्ति शृंखलाओं को मजबूत करने तथा दोनों देशों के कारोबारी समुदायों के बीच संपर्क बढ़ाने पर जोर दिया।

वार्ता के दौरान राष्ट्रपति मुर्मु ने मोल्दोवा के पेशेवरों के लिए भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग (आईटीईसी) कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण अवसरों को बढ़ाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि आईटीईसी के तहत उपलब्ध सीटों की संख्या दोगुनी की जाएगी, जिसमें एआई और अन्य उभरती तकनीकों से जुड़े विशेष पाठ्यक्रम भी शामिल होंगे।

इसके अलावा उन्होंने मोल्दोवा के राजनयिकों को भारत के विदेश सेवा संस्थान में एआई और साइबर कूटनीति से जुड़े विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेने का निमंत्रण भी दिया। राष्ट्रपति मुर्मु की यह यात्रा दोनों देशों के बीच रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है।