कोलकाता (Naren Danu) : दिल्ली में छात्रों और युवाओं के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में लोगों की आवाज को लाठीचार्ज और आंसू गैस से दबाने के बजाय संवाद के जरिए सुना और समझा जाना चाहिए।
सोमवार को सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि देश केवल सरकार का नहीं, बल्कि छात्रों, किसानों, महिलाओं, श्रमिकों और हर नागरिक का है। ऐसे में अपनी बात रखना और असहमति दर्ज कराना लोकतंत्र का मूल अधिकार है, जिसे अपराध की तरह नहीं देखा जाना चाहिए।
ममता बनर्जी ने कहा कि पुलिस बल का इस्तेमाल सुशासन का विकल्प नहीं हो सकता। सरकार को विरोध कर रहे छात्रों और युवाओं की मांगों को गंभीरता से सुनना चाहिए और पूरे घटनाक्रम में जवाबदेही भी तय की जानी चाहिए।
उन्होंने प्रदर्शन में शामिल युवाओं के प्रति एकजुटता व्यक्त करते हुए उनके साहस की सराहना की। ममता ने कहा कि छात्रों ने निडर होकर अपनी बात रखकर लोकतांत्रिक मूल्यों की मिसाल पेश की है।
उल्लेखनीय है कि सोमवार को संसद मार्च के दौरान बड़ी संख्या में छात्र और युवा दिल्ली की सड़कों पर उतरे थे। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव के बाद हालात नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग की, आंसू गैस के गोले छोड़े और बल प्रयोग किया। छात्र शिक्षा व्यवस्था में सुधार समेत विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे।