मोहाली (Naren Danu) : ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) ने एयरोट्रोपोलिस परियोजना के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए आठ गांवों की 3,522.98 एकड़ भूमि के अधिग्रहण का अवॉर्ड जारी कर दिया है। इस अधिग्रहण के तहत प्रभावित किसानों और भूमि मालिकों को कुल 23,457.74 करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा दिया जाएगा।
जारी अवॉर्ड के अनुसार, सबसे अधिक भूमि कुर्ड़ी गांव की अधिग्रहित की गई है। यहां 1,395.90 एकड़ जमीन के बदले करीब 8,778 करोड़ रुपये का मुआवजा निर्धारित किया गया है। इसके अलावा पट्टों गांव की 416.01 एकड़ भूमि के लिए लगभग 2,940 करोड़ रुपये, सियाऊं की 405.76 एकड़ भूमि के लिए 2,972 करोड़ रुपये, बारी की 375.78 एकड़ भूमि के लिए 2,701 करोड़ रुपये, मटरां की 59.89 एकड़ भूमि के लिए 496 करोड़ रुपये और बाकरपुर की 51.33 एकड़ भूमि के लिए 422 करोड़ रुपये का मुआवजा तय किया गया है। वहीं छत और किशनपुरा की कुल 755.57 एकड़ भूमि के लिए करीब 4,751 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।
गमाडा ने प्रत्येक गांव के लिए अलग-अलग प्रति एकड़ मुआवजा निर्धारित किया है। मटरां गांव के किसानों को सबसे अधिक 8.29 करोड़ रुपये प्रति एकड़ मिलेंगे। इसके बाद बाकरपुर को 8.22 करोड़, सियाऊं को 7.33 करोड़, बारी को 7.19 करोड़, पट्टों को 7.07 करोड़ तथा कुर्ड़ी, छत और किशनपुरा के किसानों को 6.29 करोड़ रुपये प्रति एकड़ की दर से भुगतान किया जाएगा।
हालांकि, एयरोट्रोपोलिस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण को लेकर किसानों का विरोध लगातार जारी है। किसान संगठनों का कहना है कि पहले अधिग्रहित की गई जमीन का विकास अभी तक पूरी तरह नहीं किया गया है, जबकि सरकार अब नई जमीन अपने कब्जे में ले रही है। किसानों ने इस फैसले को लेकर नाराजगी जताते हुए आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।
इसी मुद्दे पर सोमवार को गमाडा कार्यालय के बाहर प्रदर्शन का ऐलान किया गया था। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई किसान नेताओं को एहतियातन हिरासत में भी लिया।