नई दिल्ली (Naren Danu) : ग्राहकों की अनुमति के बिना खाने के बिल में स्वतः सर्विस चार्ज जोड़ने वाले रेस्तरां अब केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) की कार्रवाई के दायरे में आ गए हैं। प्राधिकरण ने देशभर के 41 रेस्तरां के खिलाफ स्वतः संज्ञान लेते हुए जांच और कार्रवाई शुरू की है। यह कदम राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (एनसीएच) पर मिली शिकायतों के आधार पर उठाया गया है।
सीसीपीए के अनुसार, कई उपभोक्ताओं ने शिकायत की थी कि रेस्तरां संचालकों ने उनकी सहमति लिए बिना बिल में सर्विस चार्ज जोड़ दिया। जांच में पाया गया कि इस तरह की वसूली उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन है और इसे अनुचित व्यापार व्यवहार की श्रेणी में रखा जा सकता है।
हाई कोर्ट के फैसले के बाद सख्ती
उपभोक्ता मंत्रालय ने बताया कि दिल्ली हाई कोर्ट ने 28 मार्च 2025 के अपने फैसले में सीसीपीए के सर्विस चार्ज संबंधी दिशा-निर्देशों को वैध ठहराया था। अदालत ने स्पष्ट किया था कि होटल और रेस्तरां ग्राहकों से अनिवार्य रूप से सर्विस चार्ज नहीं वसूल सकते।
चायोस पर लगाया 50 हजार रुपये का जुर्माना
सीसीपीए ने चायोस (सनशाइन टीहाउस प्राइवेट लिमिटेड) पर ग्राहक की अनुमति के बिना बिल में सर्विस चार्ज जोड़ने के मामले में 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही कंपनी को संबंधित ग्राहक से ली गई राशि लौटाने और सभी आउटलेट्स की बिलिंग प्रणाली में बदलाव करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा कैफे ब्लू बॉटल (पटना), चाइना गेट रेस्तरां प्राइवेट लिमिटेड, फिएस्टा बारबेक्यू नेशन, एफओओ अहमदाबाद, एल'ओपेरा फ्रेंच बेकरी प्राइवेट लिमिटेड और जोरो-द लक्जरी नाइट क्लब सहित कई अन्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।
सर्विस चार्ज देना या न देना ग्राहक की मर्जी
सीसीपीए ने दोहराया है कि सर्विस चार्ज पूरी तरह स्वैच्छिक है। कोई भी रेस्तरां ग्राहक की अनुमति के बिना यह शुल्क नहीं जोड़ सकता और न ही किसी अन्य नाम से इसकी वसूली कर सकता है। ग्राहक द्वारा सर्विस चार्ज देने से इनकार करने पर उसे सेवा देने से मना नहीं किया जा सकता।
प्राधिकरण ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि यदि किसी रेस्तरां में बिना सहमति सर्विस चार्ज वसूला जाता है तो वे राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं। सीसीपीए ने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।