नई दिल्ली (Naren Danu) : संसद के मानसून सत्र के पहले दिन केंद्र सरकार कई अहम विधेयक पेश करने जा रही है। राज्यसभा की कार्यसूची के अनुसार केंद्रीय गृह मंत्री सोमवार को ऐसा संशोधन विधेयक पेश करेंगे, जिसमें राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ को राष्ट्रगान के समान सम्मान देने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके साथ ही लोकसभा में उच्चतम न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने संबंधी विधेयक भी पेश किया जाएगा।
प्रस्तावित संशोधन राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 में बदलाव से जुड़ा है। विधेयक के पारित होने पर राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के अपमान को भी राष्ट्रगान, राष्ट्रीय ध्वज और संविधान के अपमान की श्रेणी में शामिल किया जाएगा। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर अधिकतम तीन वर्ष की सजा का प्रावधान प्रस्तावित है। विधेयक में राष्ट्रगीत के गायन से जुड़े कुछ प्रावधान भी शामिल किए गए हैं।
उधर, लोकसभा में केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक पेश करेंगे। इसके तहत शीर्ष अदालत में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 33 से बढ़ाकर 37 करने का प्रस्ताव है। सरकार का तर्क है कि इससे लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण में मदद मिलेगी।
संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है। सत्र के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद परिसर में मीडिया को संबोधित करते हुए सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग की अपील करेंगे।
लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने पर कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल-थानी तथा छह पूर्व सांसदों को श्रद्धांजलि भी दी जाएगी। इसके बाद सदन में विधायी कार्यवाही आगे बढ़ेगी।