जालंधर-होशियारपुर एनएच-3 के अधूरे हिस्से के निर्माण की तैयारी, मंजूरी के बाद फिर शुरू होगा काम

चंडीगढ़ (Naren Danu) : करीब छह वर्षों से रुकी जालंधर-होशियारपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-3) की आदमपुर फ्लाईओवर परियोजना को दोबारा शुरू कराने की दिशा में पंजाब सरकार ने अहम पहल की है। परियोजना के अधूरे हिस्से के निर्माण के लिए 257.32 करोड़ रुपये का विस्तृत लागत प्रस्ताव (डिटेल्ड एस्टीमेट) स्वीकृति हेतु केंद्र सरकार को भेज दिया गया है।

यह प्रस्ताव एनएच-3 के किलोमीटर 11.400 से 29.200 तक शेष 4-लेन सड़क और पक्के शोल्डर के निर्माण के लिए तैयार किया गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग सर्किल, अमृतसर के मुख्य अभियंता ने तकनीकी अनुमान तैयार कर पंजाब सरकार के माध्यम से इसे केंद्र के पास मंजूरी के लिए भेजा है।

आम आदमी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता एवं आदमपुर हलका इंचार्ज पवन टीनू ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जून के पहले सप्ताह में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात के दौरान इस परियोजना को प्राथमिकता से पूरा कराने की मांग उठाई थी। उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार जल्द मंजूरी देकर निर्माण कार्य दोबारा शुरू कराएगी।

टीनू ने कहा कि परियोजना पूरी होने से जालंधर और होशियारपुर के बीच सफर अधिक सुरक्षित, तेज और सुगम होगा। बेहतर सड़क संपर्क से उद्योग, व्यापार और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।

गौरतलब है कि आदमपुर फ्लाईओवर परियोजना का निर्माण वर्ष 2016 में शुरू हुआ था, लेकिन 2020 में कार्य पूरी तरह ठप हो गया। निर्माण सामग्री की कीमतों में भारी बढ़ोतरी के बाद ठेकेदार ने पुराने अनुबंध की दरों पर काम करने से इनकार कर दिया था, जिसके चलते परियोजना लंबे समय से अधर में लटकी रही।

आदमपुर की सामरिक दृष्टि से भी विशेष महत्ता है। यहां भारतीय वायुसेना का प्रमुख एयरबेस और नागरिक हवाई अड्डा स्थित है, जिससे इस मार्ग पर यातायात का दबाव लगातार बना रहता है। ऐसे में परियोजना के पूरा होने से रक्षा, नागरिक परिवहन और क्षेत्रीय विकास—तीनों को महत्वपूर्ण लाभ मिलने की उम्मीद है।